बिहार के बेटियों की तस्करी करता था यह गिरोह, ग्रामीणों ने धर दबोचा

लाइव सिटीज डेस्क : ह्यूमन ट्रैफिकिंग बेहद गंभीर मामला है. देश में कई तस्कर गरीब लड़कियों को बहला फुसला कर किसी के हाथों बेच डालते हैं. या फिर उन्हें वेश्यावृति के धंधे में जबरदस्ती डाल देते हैं. इसी तरह का एक नया मामला अब प्रकाश में आया है. एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है जो बिहार से गरीब लड़कियों को शादी के बहाने मां-बाप से लेकर दूसरे प्रदेश में बेच देता था. ग्रामीणों की सूझ-बूझ से इस तरह का एक गिरोह पकड़ा गया.

मामला मुजफ्फरपुर का है. मुजफ्फरपुर के मुशहरी थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी के बहाने अब तक तीन लड़कियों को उत्‍तर प्रदेश (यूपी) भेजने के बाद चौथे शिकार की तलाश में पहुंचे गिरोह के एक सदस्य को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. अपराधियों के तार सेक्‍स रैकेट से भी जुड़े होने की आशंका है.

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि इससे पहले गांव की तीन लड़कियों को शादी के बहाने 20-20 हजार रुपये में बेच दिया गया था. मानव तस्करी से जुड़ा यूपी का एक गिरोह इस इलाके में सक्रिय है. गांव के कुछ लोग उसके संपर्क में हैं जो लड़कियों का सौदा करने में सहयोग करते हैं.

गिरोह से जुड़े लोगों ने यूपी के सीतापुर जिला के रामपुर निवासी कमलेश रावत को शादी कराने की बात बताते हुए गांव में भेजा था. वह पिछले कई दिनों से गांव में था. उसे यह भी पता नहीं था कि उससे उसकी शादी होने वाली है. जब उसे लड़की का पता चला तो वह उसे खींच कर ले जाने लगा. इसे लेकर गांव में हंगामा शुरू हो गया और उसे ग्रामीणों ने बंधक बना लिया.

स्थानीय मुखिया विजय कुमार सिंह उर्फ अरविन्द कुमार सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी. हालांकि, कमलेश ने बताया कि उसके भाई की शादी इसी गांव में है. उसके भाई ने ही उसे शादी के लिए यहां भेजा था.

घटना की शिकार 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के पिता ने एफआइआर दर्ज कराई है. इसमें उसने कहा है कि सोमवार की शाम उसकी बेटी घर पर अकेली थी. उसी समय गांव का छठ्ठू पासवान व यूपी के कमलेश रावत ने गेट खोलने के बहाने बुलाया, फिर मुंह दबाकर छठ्ठू के घर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया. मुशहरी के थानाध्‍यक्ष विकास राय ने बताया कि घटना के पीछे मानव तस्करी करने वाले बड़े गिरोह की संलिप्तता की बात सामने आ रही है.