कलक्ट्रेट ऑफिस में किया था गैंगरेप, दोषियों को मिली 20 साल की जेल

लाइव सिटीज डेस्क : पशिम बंगाल की एक किशोरी को जबरन उठा कर कलक्ट्रेट परिसर में ले जा कर गैंग रेप करने वाले दरिंदों को 20 साल की सजा दी गई है. कलेक्ट्रेट गैंगरेप कांड में तत्कालीन एडीएम (आपदा) के चालक जीतेंद्र पासवान और उसके साथी मोतिहारी के फेनहरा निवासी निक्कू कुमार को पॉस्को कोर्ट ने 20-20 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है.

कांड में अभियोजन पक्ष रखने वाले विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने बताया कि किशोरी ने पहचान परेड में दोनों दोषियों की कोर्ट में पहचान की थी. यह पहचान परेड दोनों के कांड में दोषी पाए जाने का अहम साक्ष्य बना है. इस कांड में पीड़िता, उसके साथी बिनोद कुमार, चिकित्सक, पुलिसकर्मी समेत 15 लोगों की कोर्ट में गवाही हुई. विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश जनार्दन त्रिपाठी ने दोनों दोषियों को मंगलवार को सजा सुनाई. सजा पाने वालों में पूर्वी चंपारण के फेनहारा निवासी निक्कू कुमार व बेगूसराय के भागवतपुरा के जितेंद्र पासवान हैं. दोनों को 20 साल का कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

जबकि दो आरोपित वैशाली जिले के भगवानपुर निवासी गौतम झा व अहियापुर थाने के कोल्हुआ पैगंबरपुर निवासी विकास तिवारी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था. पांचवें आरोपित के जुबेनाइल होने के कारण उसका मामला जेजे बोर्ड को सौंपा गया था.

दरिंदों ने इस वारदात को पांच जनवरी 2015 की रात को अंजाम दिया था. रात में स्टेशन के निकट से आर्केस्ट्रा में काम करने वाली पश्चिम बंगाल की एक किशोरी को अगवा कर कलेक्ट्रेट परिसर में लाया गया. वहशियों ने परिसर के एक सरकारी भवन के कमरे में उसके साथ बारी-बारी से रेप किया. किशोरी के साथ आये उसके मित्र सीतामढ़ी के युवक को बंधक बनाकर खूब पिटाई भी की थी. बाद में उसे स्टेशन पर छोड़ा गया व एक हजार रुपये देकर ट्रेन में बैठाने की कोशिश की गई, लेकिन किशोरी के रोने से मामला सामने आ गया.

किशोरी ने बताया था कि वह लुधियाना से सीतामढ़ी जाने के लिए ट्रेन से आई थी और मुजफ्फरपुर जंक्शन पर उतरी थी. यहां उसका मित्र युवक सीतामढ़ी से आया था. वह उसके साथ जंक्शन से बाहर निकली थी. पास ही एक ढाबे में जा रही थी, तभी पांच युवकों ने उसे घेर लिया और अपने साथ ले गए.

उसके मित्र युवक को बंधक बनाकर रखा. दो युवक उसे कलेक्ट्रेट परिसर के एक सरकारी भवन के कमरे में ले गए व उसके साथ रेप किया. इसके बाद तीन अन्य साथी बारी-बारी से पहुंचे और दुष्कर्म किया. फिर उसे स्टेशन पर लाकर धमकी दी गई. उसके रोने से वहां कुछ लोग जमा हो गए. इसकी सूचना रेल पुलिस को दी गई. बाद में मामला नगर थाना क्षेत्र का होने के कारण वहीं प्राथमिकी दर्ज हुई.

बेगूसराय का रहने वाला जितेंद्र पासवान जिले के तत्कालीन एक वरीय अधिकारी के सरकारी वाहन का चालक था. वह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक भवन के कमरे में रहता था. घटना के बाद वह फरार हो गया. बाद में पुलिस दबिश पर उसने सरेंडर कर दिया.

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