मासूम दिखने वाले बच्चों ने गायब कर दी है 30 से अधिक बाइक, कभी सामने नहीं आया सरगना

पटना : 14 से 16 साल के उम्र के लड़के छोटे और मासूम बच्चे ही होते हैं. लेकिन इनकी मासूमियत पर भी अब शक होने लगा है. नाबालिग लड़के गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. रोड साइड पार्क किए जाने वाले बाइक इनके निशाने पर होते हैं. चंद समय के अंदर ही ये लॉक किए गए बाइक को गायब कर देते हैं. पटना में पत्रकार नगर थाना की पुलिस टीम ने बाइक चोरों के एक ऐसे गैंग को पकड़ा है, जिसमें नाबालिग लड़के शामिल हैं. इनकी उम्र 14 से 16 साल के करीब की है. पुलिस ने जो खुलासा किया है, वो दंग कर देने वाली है. कम उम्र के शातिर लड़कों ने राजधानी पटना के अंदर 30 से अधिक बाइक की चोरी की है. चोरी के बाद सभी बाइक को कम दम में बेच दिया.

— इस तरह गिरफ्त में आया गैंग
पत्रकार नगर थाने की पुलिस टीम रविवार की देर रात अपने इलाके से गुजरने वाले गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी. इसी बीच एक केटीएम बाइक पर सवार तीन नाबालिग पुलिस को जाते हुए दिखे. इन्हें रोक कर पुलिस टीम ने अपनी जांच शुरू की. इनसे बाइक के पेपर मांगे. ड्राइविंग लाइसेंस मांगा. लेकिन इनके पास किसी प्रकार का कोई डॉक्यूमेंट्स नहीं था. इनके हाव—भाव के कारण पुलिस को कुछ शक हुआ और फिर तीनों से सख्ती से पूछताछ की गई. जिसके बाद ही तीनों ने बाइक चोरी किए जाने की बात कही. जिस केटीएम बाइक पर तीनों सवार थे, उसे 24 घंटे पहले ही कंकड़बाग थाना इलाके से चोरी किया था.



— निशानदेही पर हुई सुजीत की गिरफ्तारी
तीनों लड़कों को अपने कब्जे में लेने के बाद पुलिस टीम ने उससे पूछताछ शुरू की. इसी दरम्यान तीनों ने बताया कि वो एक बड़े गैंग के लिए काम करते हैं. जिसमें उनके ही उम्र के ही कई और लड़के शामिल हैं. खास बात ये है कि गैंग को आॅपरेट करने वाला सरगना पर्दे के पिछे से काम करता है. वो आज तक इनके सामने नहीं आया है. मास्टर चाभी के जरिए ये किसी भी बाइक का लॉक खोल लेते थे. फिर पत्रकार नगर में काली मंदिर के पास स्थित मेकैनिक रंजीत के पास पहुंच जाते थे. रंजीत बाइक अपने पास रख लेता था और लड़कों को कभी दो हजार तो कभी तीन हजार रुपए देकर भगा देता था. थानेदार की मानें तो कई दफा रंजीत ने पुलिस का हवाला देते हुए लड़कों को बिना रुपए दिए ही भगा दिया. पुलिस ने लड़को की निशानदेही पर रंजीत को गिरफ्तार कर लिया है. अब इसके जरिए गैंग के मेन सरगना तक पहुंचने की कवायद की जा रही है.