पटना : जलप्रलय पर 4 घंटे तक चली समीक्षा, नगर निगम और बुडको के अधिकारियों पर गिरी गाज

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना में जलप्रलय को लेकर सीएम नीतीश के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठक खत्म हो गई है. भारी बारिश के बाद पटना में जलजमाव के कारणों और उससे लोगों को हुई परेशानी को लेकर सीएम नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक करीब 4 घंटे तक चली. बैठक में पटना नगर निगम और बुडको के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरी है.

बता दें कि सीएम नीतीश कुमार ने पटना में हुए जलजमाव को लेकर अधिकारियों और विभागों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी. जैसी आशंका जताई जा रही थी उस मुताबिक कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीएम ने कार्रवाई भी कर दी है. सभी अधिकारी और कर्मचारी जिनपर कार्रवाई हुई है उन्हें शो-कॉज भी दिया गया है. सभी आरोपियों को 7 दिनों में शो-कॉज का जवाब देना है.

नगर निगम और बुडको के अधिकारियों पर गिरी गाज

समीक्षा बैठक खत्म होने के बाद सीएम नीतीश कुमार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मीटिंग की ब्रीफिंग की. पटना नगर निगम के दो कार्यपालक अभियंता समेत 22 कर्मचारियों पर गाज गिरी है. वहीं बुडको के मुख्य अभियंता समेत 11 लोगों पर भी कार्रवाई की गई है. बुडको के एक मुख्य अभियंता, 2 अधीक्षण अभियंता, 6 कार्यपालकर अभियंता समेत 11 लोगों पर कार्रवाई की गई है. जानकारी के अनुसार अभी कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है.

मुख्य सचिव ने माना, नहीं हुई थी सही समय पर नालों की सफाई

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि बैठक के दौरान जल निकासी को लेकर योजना बनाई गई है. इसके साथ ही राजधानी को जलजमाव बचाने के लिए नालों का जाल बिछाया जाएगा. जलजमाव से पहले और बाद में मैनेजमेंट में कैसे और कहा चूक हुई इस बात को लेकर भी सीएम नीतीश ने समीक्षा की. मुख्य सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माना कि नालों की सफाई सही समय पर नहीं हुई थी. साथ ही उन्होंने कहा कि जलजमाव के दौरान सही समय पर पंप भी चालू नहीं किया गया था.

विकास आयुक्त के स्तर पर बनेगी कमिटी

समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के द्वारा कई सुझाव भी दिया गया. साथ ही सीएम नीतीश ने भी कई दिशा-निर्देश भी दिए. 14 जगहों पर पंपिंग सेट लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही विकास आयुक्त के स्तर पर एक कमिटी बनाई जाएगी. यह कमिटी विकास आयोग की अध्यक्षता में बनाई जाएगी जो नए सिरे से काम करेगी.

कमिटी में तीन सदस्य होंगे जिसमें आपदा विभाग के प्रधान सचिव, नगर विकास के प्रधान सचिव और पथ निर्माण के प्रधान सचिव शामिल होंगे. यह कमिटी सभी प्रस्तावों को देखकर नए सिरे से काम करेगी. साथ ही आम लोगों से भी इस विषय में राय लिया जाएगा.

बिना NOC के नहीं होगा कोई निर्माण

नालों और ड्रेनेज सिस्टम के सफाई की हकीकत का जायजा लिया जाएगा. सभी ड्रेनेज सिस्टम से अतिक्रमण हटाने का निर्देश. अब शहरी क्षेत्र में कोई भी निर्माण बिना NOC के नहीं किया जा सकेगा. सीएम नीतीश कुमार ने दो महीने में सभी अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया है.

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