दरभंगा सोना लूटकांड में 7 गिरफ्तार, मुख्य सरगना अब भी पकड़ से दूर, जेवरात और कैश भी नहीं मिला

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : दरभंगा में 7 करोड़ सोना लूटकांड में पुलिस ने अबतक 7 अपराधियों को धर दबोचा है. जिसकी जानकारी देते हुए एसएसपी बाबूराम ने बताया कि 9 दिसंबर को सोना लूट की घटना में कुल 16 अपराधी शामिल थे. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लगातार चल रही छापेमारी कर पुलिस ने लहेरियासराय थाना क्षेत्र के मदारपुर स्थित मंडल लॉज और मौलागंज स्थित बैलीपोखर से सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इन अपराधियों पर बाहर के अपराधियों को शरण देने का आरोप है.

गिरफ्तार अपराधियों में दरभंगा के मदारपुर के भूषण सहनी, कन्हैया कुमार, केशव कुमार, राजकुमार, पवन कुमार के साथ लहेरियासराय के गणेश कुमार और मौलागंज के राजू उर्फ साका उर्फ कोठिया शामिल हैं. हालांकि अभी तक ना तो मुख्य सरगना की गिरफ्तारी हुई है और ना ही लूटे गयी ज्वेलरी मिल पाई है, लेकिन पुलिस ने 1 देसी कट्टा, 2 कारतूस, 200 ग्राम गांजा, 20 पत्ता नशे की गोली, दो पल्सर बाइक और 5 मोबाइल बरामद किए हैं.



एसएसपी ने कहा कि लूट की घटना में कुल 16 अपराधी शामिल थे, जिनमें छह नखास चौक, हाजीपुर और तीन अपराधी मधुबनी जिले के जयनगर के हैं. अन्य सात अपराधियों ने लूट में इनकी मदद की थी. इसमें हाजीपुर सोना लूट कांड का मास्टरमाइंड मनीष सहनी प्रमुख है, जिसके गिरोह ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है.

उन्होंने बताया कि इस कांड का लाइनर दरभंगा का ही एक सोना कारोबारी कन्हैया कुमार है. उसने मधुबनी के दिनेश यादव और हाजीपुर के मास्टरमाइंड मनीष कुमार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया. एक साल पहले तक वह बाकरगंज के अन्नपूर्णा ज्वेलर्स में कारीगर के रूप में काम करता था. उसी दौरान उसका अलंकार ज्वेलर्स के यहां भी आना-जाना होता था. कन्हैया ने जब अपनी दुकान भी खोल ली, इसके बाद भी वह अलंकार ज्वेलर्स आता-जाता था. दुकान के गहने देखकर उसे लालच आ गया.

इसी बीच उसका सम्पर्क जयनगर, मधुबनी के शातिर अपराधी दिनेश यादव से हुआ, जिसे उसने अपने ही मोहल्ले में किराए पर एक कमरा दिला दिया. इसी कमरे में दोनों लूट की प्लानिंग करने लगे. धीरे-धीरे उसने अपने दुकान के कारीगर केशव कुमार साह को भी इसमें शामिल कर लिया. इसमें कन्हैया ने अपने बेटे भूषण सहनी को भी जोड़ लिया.

भूषण ने हाजीपुर में सोना लूट के मास्टरमाइंड मनीष सहनी को भी इसमें शामिल कराया. भूषण ने मनीष सहनी के गिरोह को दरभंगा के मदारपुर बुला लिया और पूरी प्लानिंग कर डाली. डकैती कांड को अंजाम देने के लिए दरभंगा के दुकान, बाजार और रास्तों की रेकी की गई. 8 दिसंबर को सभी अपराधी मदारपुर आकर मडंल लॉज में रात भर रुके. रात में इन्होंने फिर से रेकी की. सुबह 5 बजे ही उठकर सभी अपराधी एनएच की ओर फ्रेश होने और चाय-नाश्ता करने चले गए. स्थानीय अपराधी पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखने लगी तो वहीं बाहर के जिलों से अपराधियों ने बड़ा बाजार में डकैती कांड को अंजाम दिया. इसके बाद पूर्व निर्धारित समय पर वह अलग-अलग रास्तों से लौट गए.