कोरोना और बाढ़ से निपटने के लिए सजग और तत्परता से हो रही कार्रवाई, सूचना सचिव अनुपम कुमार ने दी जानकारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क अनुपम कुमार, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार, अपर सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग रामचंद्र डू एवं जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने जानकारी दी.

सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा लगातार पूरी सजगता और तत्परता से सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. पिछले कुछ दिनों में टेस्ट की संख्या काफी बढ़ायी गयी है और इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयत्नशील है. ऑन डिमांड टेस्टिंग की जा रही है इसलिए हर इच्छुक व्यक्ति अपना टेस्ट आसानी से करा सकता है. इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑक्सीजन बेड्स की संख्या, वेंटिलेटर्स की संख्या बढ़ायी जा रही है. नये-नये हॉस्पिटल्स सृजित किये जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. अस्पतालों में पेशेंट्स मैनेजमेंट ठीक ढंग से हो इसके लिए प्रशासनिक टीम लगायी गयी है और मरीजों का फीडबैक भी लिया जा रहा है. आधुनिक तकनीक, गूगल मीट एवं अन्य एप्स के माध्यम से होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों का भी फीडबैक लिया जा रहा है और उनको मेडिकल किट उपलब्ध कराया जा रहा है. इस प्रकार कोविड-19 से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं.



अनुपम कुमार ने बताया कि बाढ़ को लेकर भी सरकार पूरी तरह से तत्पर है. पिछले कुछ वर्षों में बाढ़ को लेकर जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बना है, उसके अनुसार कार्रवाई होती है और समय से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जाती है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में सामुदायिक रसोई, राहत केंद्र आदि की व्यवस्था की जाती है ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो. इस बार तो सभी सामुदायिक रसोई और राहत केन्द्रों में प्रत्येक व्यक्ति (100 प्रतिशत) की टेस्टिंग भी की जा रही है. उन्होंने बताया कि राशन कार्ड विहीन परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया. रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अब तक 05 लाख 58 हजार से अधिक योजनाओं के तहत 13 करोड़ 07 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है.

सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 2,439 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 62,507 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं. बिहार का रिकवरी रेट 66.17 प्रतिशत है. 12 अगस्त को कोविड-19 के 3,906 नये मामले सामने आये हैं. वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 31,467 एक्टिव मरीज हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 1,04,452 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 13,77,432 है.

लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कल बिहार में एक लाख से ज्यादा सैम्पल्स की जांच की गयी है और यह गति अब निरंतर जारी रहेगी. सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की स्थापना प्रक्रियाधीन है. मेडिकल कॉलेजों में सभी बेड्स तक और सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है. इस तरह से टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सा गुणवत्ता पर भी फोकस किया जा रहा है.

अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 1 अगस्त से लागू अनलॉक-3 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 03 कांड दर्ज किये गये हैं और किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नही हुई है. इस दौरान 722 वाहन जब्त किये गये हैं और 17 लाख 86 हजार 50 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है. इस प्रकार 1 अगस्त से अब तक 46 कांड दर्ज किये गये हैं और 62 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. कुल 9,383 वाहन जब्त किए गए हैं और 02 करोड़ 35 लाख 43 हजार 920 रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है.

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 6,557 व्यक्तियों से 03 लाख 27 हजार 850 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. इस प्रकार 01 अगस्त से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 68,312 व्यक्तियों से 34 लाख 15 हजार 600 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गयी है. कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं.

जितेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार सरकार द्वारा वीरता का परिचय देने वाले पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को 51-51 हजार रूपये से पुरस्कृत किये जाने के लिए इस वर्ष, 2020 के लिए बिहार पुलिस से 07 पदाधिकारियों/कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है. इनमें अलय वत्स, पुलिस निरीक्षक, विशेष कार्य बल, पटना, अंजनी कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक, वैशाली जिला बल, किशोरी चैधरी, पुलिस अवर निरीक्षक, सारण जिला बल, अशोक कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक, सारण जिला बल, रुपेश वर्मा, पुलिस अवर निरीक्षक, सारण जिला बल, कुंदन कुमार ओझा, सहायक अवर निरीक्षक, वैशाली जिला बल एवं धीरज थापा, हवलदार, विशेष कार्य बल, पटना शामिल हैं.

जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने राज्य की विभिन्न नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंधों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कोशी नदी में आज 02 बजे दिन में 1,46,205 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृति घटने की है. गंडक नदी में बाल्मीकीनगर बराज पर 2,09,500 क्यूसेक का डिस्चार्ज है और इसकी प्रवृति बढ़ने की है. बूढी गंडक फॉलिंग ट्रेंड में है. गंगा नदी का जलस्तर इलाहाबाद, बक्सर, दीघा, गाँधी घाट और हथीदह में बढ़ने की प्रवृत्ति है लेकिन सभी गेज स्थलों पर यह खतरे के निशान से नीचे प्रवाहित हो रही है. सोन नदी में इन्द्रपुरी बराज पर 33,212 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है. बागमती नदी का जलस्तर कंसार में राइजिंग ट्रेंड में है जबकि अन्य सभी गेज स्थलों यथा- ढेंग, सोनाखान, डूब्बाधार, कटौंझा, बेनीबाद एवं हायाघाट पर स्थिर रहने की प्रवृति है. कमला बलान नदी का जलस्तर जयनगर में फॉलिंग और झंझारपुर में स्टैटिक है. भूतही बलान और ललबेकिया नदी का जलस्तर स्थिर है. पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति में है लेकिन यह खतरे के निशान से नीचे प्रवाहित हो रही है. पूर्वानुमान के अनुसार 13 और 14 अगस्त को नेपाल और बिहार के सभी जलग्रहण क्षेत्रों में लाइट टू मोडरेट वर्षापात की संभावना है. मुख्य अभियंता, गोपालगंज परिक्षेत्राधीन सारण तटबंध सारण, भैसही पुरैना छरकी, बंधौली शीतलपुर फैजुल्लाहपुर जमींदारी बाँध एवं बैकुंठपुर रिटायर्ड लाईन तथा मुख्य अभियंता, मुजफ्फरपुर परिक्षेत्राधीन चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त भाग को छोड़कर शेष बिहार राज्य में विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंध सुरक्षित हैं. इन इलाकों में सतत् निगरानी एवं चैकसी बरती जा रही है.

अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू ने बताया है कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिले के कुल 128 प्रखंडों की 1,282 पंचायतें प्रभावित हुयी हैं, जहाँ आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. दरभंगा में 01, खगड़िया में 01 और समस्तीपुर में 05 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. इन सभी 07 राहत शिविरों में कुल 12,479 लोग आवासित हैं. 1,006 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 08 लाख 17 हजार 636 लोग भोजन कर रहे हैं. सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में एन0डी0आर0एफ0 और एस0डी0आर0एफ0 की टीमें राहत एवं बचाव का कार्य कर रही हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 और बोट्स के माध्यम से करीब 5.5 लाख लोगों को निष्क्रमित किया गया है. अब तक बाढ़ प्रभावित 07 लाख 05 हजार 438 परिवारों के बैंक खाते में प्रति परिवार 6,000 रूपये की दर से कुल 423.26 करोड़ रूपये जी0आर0 की राशि भेजी जा चुकी है. लाभान्वित परिवारों को एस0एम0एस0 के माध्यम से सूचित भी किया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.