मोतिहारी के जज पर हुई कार्रवाई, पटना हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मोतिहारी के जज सुधीर कुमार सिन्हा को सस्पेंड कर दिया है. सुधीर कुमार सिन्हा मोतिहारी में सब जज कम चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे. हालांकि, उनके खिलाफ कोर्ट में अनुशासनात्मक कार्यवाही अभी लंबित है. हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आज इस बाबत आदेश जारी किया गया.

बता दें कि सुधीर सिन्हा 7 फरवरी 2020 से इस पर बने हुए थे और 2026 में 30 अप्रैल को रिटायर होने वाले हैं. इन्होंने प्रोबेशनरी मुंसिफ के रूप में न्यायालय सेवा में आए हैं. पटना में 1 दिसंबर 2001 को कार्यभार संभाला था. मधुबनी और बिहारशरीफ में भी इन्होंने सेवा दी है. 2011 में किशनगंज के मुंसिफ बने थे.



उधर 5 जनवरी 2021 को पटना हाई कोर्ट प्रशासन ने भ्रष्टाचार में लिप्त पटना सिविल कोर्ट के 17 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया. पटना सिविल कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि भ्रष्टाचार में लिप्त इतनी बड़ी संख्या में कर्मियों को बर्खास्त किया गया है. नवम्बर 2017 को एक निजी टीवी चैनल ने कोर्ट में  खुले आम चल रहे घूस के लेन देन को कैमरे में कैद कर प्रसारित किया था. न्‍याय के मंदिर में बेशर्मी से चल रहे घूसखोरी का यह मामला ‘कैश फॉर जस्टिस’ के नाम से मामला काफी चर्चित हुआ था.

न्याय मांगने वालों का आर्थिक दोहन करने वाले और घूस के बगैर टस से मस नहीं होने वाले पटना सिविल कोर्ट के तत्कालीन 17 कर्मियों पर प्राथमिकी की प्रति 6 जनवरी को निगरानी की विशेष अदालत पहुंची. इनमें तीन महिलाएं, 12 लिपिक व दो चपरासी नामजद हैं. आरोपितों के खिलाफ मामला निगरानी की विशेष अदालत में चलेगी. पीरबहोर थाने में पांच जनवरी 2021 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

एक प्राइवेट चैनल ने पांच नवंबर 2017 को स्टिंग ऑपरेशन कर सभी कर्मचारियों को घूस लेते कवर किया था. टीवी पर यह खबर प्रसारित होने के बाद इस भ्रष्टाचार की खबर उच्च न्यायालय को लगी. इसमें संलिप्त सभी न्यायालय कर्मियों को निलंबित कर दिया गया. इसके बाद विभागीय कार्रवाई चली. कार्रवाई का प्रतिवेदन आ जाने के बाद पांच जनवरी 2021 को सभी को बर्खास्त कर दिया गया.