ग्रेटर पटना का प्रशासनिक खाका तैयार, 16 लाख 81 हजार जनसंख्या को होगा लाभ

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: ग्रेटर पटना का प्रशासनिक खाका लगभग तैयार हो गया है. पटना के 7 प्रखंडों की 2600 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना का हिस्सा बनेगी. इसमें करीब 500 गांव लाभान्वित होंगे, जबकि 16 लाख 81 हजार जनसंख्या को विशेष तौर पर लाभ होगा.

आगामी तीन सालों में ग्रेटर पटना के इलाके की तस्वीर बदल जाएगी. प्रथम चरण में यातायात सुविधाएं बढ़ेंगी. उसके बाद आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ग्रेटर पटना के इलाके का मुआयना कर अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए.



ग्रेटर पटना में सबसे अधिक इलाका मनेर प्रखंड का होगा। इस प्रखंड की 480 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना के हिस्से में जाएगी, जिसमें 49 गांव सम्मिलित होंगे. दूसरे नंबर पर बिहटा प्रखंड होगा, जिसकी 477 एकड़ भूमि इस क्षेत्र में आएगी. इस प्रखंड के 100 गांव इससे लाभान्वित होंगे. इसी प्रकार नौबतपुर की 430 एकड़, बिक्रम की 362 एकड़, दानापुर की 360 एकड़, फुलवारीशरीफ की 291 एकड़ तथा संपतचक की 198 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना में शामिल होगी.

सबसे अधिक नौबतपुर प्रखंड के 109 गांव इससे लाभान्वित होंगे. इन प्रखंडों में 16 लाख 81 हजार 341 लोग रह रहे हैं, जिन्हें ग्रेटर पटना का सबसे अधिक लाभ मिलेगा. भविष्य में ग्रेटर पटना का विस्तार फतुहा, दुल्हिन बाजार, पालीगंज तक करने की कार्य योजना है लेकिन यह दूसरे चरण में होगा.

ग्रेटर पटना का सबसे महत्वपूर्ण परियोजना दानापुर से बिहटा तक एलिवेटेड रोड का निर्माण है. इस सड़क का डीपीआर लगभग तैयार हो गया है. जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा. अधिकारियों का कहना है कि अगले 4 सालों में इस सड़क को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. एलिवेटेड रोड हो जाने से दानापुर से बिहटा तक का सफर महज 20 मिनट में तय किया जा सकेगा.