श्रमिक ट्रेनों को चलाने के लिए गृह मंत्रालय की सलाह जरूरी, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन है.  लॉकडाउन के बीच प्रवासी लोगों की घर वापसी तेज हो गई है. रेलवे राज्यों के सहयोग से देश के अलग-अलग शहरों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रही है. जिसमें लाखों लोग अपने घर जा चुकें है. इसी बीच ट्रेनों के परिचालन को लेकर गृह मंत्रालय ने कई बड़े निर्णय लिए हैं. होम मिनिस्ट्री की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर नया निर्देश जारी किया गया है.

गृह मंत्रालय की ओर से दूसरे राज्य में फंसे मजदूरों के लिए नया मानक संचालन प्रोटोकॉल जारी किया गया है.  जिनका ध्यान श्रमिक ट्रेनों के संचालन के वक्त रखना होगा.

गृह मंत्रालय की ओर से कही गई 7 बड़ी बातें –

1.सभी श्रमिक ट्रेनों का संचालन रेलवे मंत्रालय करेगा, लेकिन इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से चर्चा करनी होगी.

2. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी, जो मजदूरों के आने-जाने की व्यवस्था देखेंगे.

3. ट्रेन का समय, स्टोपेज रेल मंत्रालय की तय करेगा. लेकिन इसके लिए संबंधित राज्य सरकार की मांग का ध्यान रखना होगा, उसी के हिसाब से ट्रेन के आने-जाने का वक्त तय करें.

4. ट्रेन का शेड्यूल, एंट्री और एग्जिट के नियम, कोच में मिलने वाले सामान, टिकट बुकिंग की सारी तैयारी रेलवे करेगा.

5. हर यात्री की स्क्रीनिंग करना आवश्यक है, जिसमें कोरोना के लक्षण हो उसे यात्रा ना करने दें.

6. यात्रा के वक्त और स्टेशन पर रहने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मेन्टेन करें.

7. अपनी मंजिल पर पहुंचने के बाद यात्रियों को उस राज्य की गाइडलाइन्स का पालन करना होगा.

गौरतलब है कि देश में अबतक एक हजार से अधिक श्रमिक ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं, जबकि 15 लाख के करीब मजदूरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा चुका है. हालांकि, इसके बावजूद बड़ी संख्या में मजदूरों को सड़क पर चलते हुए देखा जा सकता है.