यहां दो मस्जिदों पर आत्मघाती हमला, 72 की मौत, 120 घायल

लाइव सिटीज डेस्क : आतंकी हमले से पूरी दुनिया त्रस्त है. दुनिया के तमाम देशों में आयर दिन आतंकी हमले हो रहे हैं. एक बार फिर हमलावरों ने अफगानिस्तान को निशाना बनाया है. आत्मघाती हमलावर ने शुक्रवार को देश की राजधानी काबुल स्थित मस्जिद में खुद को उड़ा लिया. इसमें 39 लोगों की जान चली गई. दूसरा हमला मध्य प्रांत गहोर में किया गया, जहां 33 लोग मारे गए. दोनों हमले ऐसे समय हुए हैं, जब अंतरराष्ट्रीय शक्तियां तालिबान को वार्ता की मेज पर लाने के लिए ओमान में जुट रही हैं. वहीं इस हमले में 120 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, हमलावर ने सबसे पहले काबुल के पश्चिमी जिले दश्त-ए-बार्ची स्थित इमाम जमान मस्जिद को निशाना बनाया. उस वक्त जुमे की नमाज के लिए बड़ी तादाद में लोग वहां जमा थे.हमलावर शिया समुदाय के मस्जिद में घुसकर खुद को उड़ा लिया. प्रत्यक्षदर्शियों ने कई बच्चों के भी मारे जाने की बात कही है. 

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने हमले की पुष्टि की है. अभी तक किसी आतंकी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हाल के महीनों में इस्लामिक स्टेट ने शिया समुदाय पर हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है. दूसरा हमला मध्य प्रांत गहोर के मस्जिद में किया गया. आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जिसमें 33 लोगों की मौत हो गई. बल्ख के गवर्नर अता मुहम्मद नूर ने बताया कि हमलावर के निशाने पर जमीयत का एक शीर्ष नेता था. शुरुआत में उनके मारे जाने की खबर आई थी, लेकिन बाद में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी.

अब तक दोनों हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन इसका शक तालिबान और हक्कानी नेटवर्क पर है अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क ही सबसे ज्यादा हमले करता है और अमेरिका पाकिस्तान पर इनके खिलाफ ही एक्शन लेने का दबाव डाल रहा है

अफगान सेना के मेजर जनरल अलीमस्त मोहम्मद ने बताया कि अगस्त और सितंबर में भी काबुल में मस्जिदों पर दो हमले किए गए थे. संयुक्त राष्ट्र की पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में शिया कम्युनिटी के लोगों पर इस साल कई हमले किए गए. इस साल शिया मस्जिदों पर हुए हमलों में कम से कम 84 लोग मारे गए और 194 घायल हुए हैं.