मिशन उड़ान : अब ‘हवाई चप्पल’ वाला भी हवाई जहाज में करेगा सफर

लाइव सिटीज डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 27 अप्रैल, 2017 को ‘उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) नामक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के तहत शिमला-दिल्‍ली रूट पर प्रथम उड़ान को झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ‘उड़ान’ के तहत कडप्पा-हैदराबाद और नांदेड़-हैदराबाद क्षेत्रों पर भी प्रथम उड़ान को झंडी दिखाकर रवाना किया.



इस मौके पर पीएम ने कहा कि हिमाचल की भूमि का युवा देश में नया बदलाव ला सकता है. मोदी ने कहा कि अगर युवाओं को अवसर मिलेगा तो वे देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे.

पहले एयरलाइंस में राजा महाराजा ही सफर करते थे, उस समय एयरलाइंस में भी राजा महाराजा का फोटो लगा था. मेरे कहने के बाद उसके लोगो में अटल जी की सरकार के समय आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन के लोगो को लगाया गया. देश का गरीब हवाई चप्पल पहनता है, मैं चाहता था कि हवाई चप्पल वाला व्यक्ति हवाई जहाज में बैठे. आज वो बात सच हो रही है.  अब मात्र 2500 रुपये में सफर करना आसान होगा.

मोदी ने कहा कि भारत में हवाई सेवा के विस्तार के लिए काफी अवसर है. उन्होंने कहा कि हवाई सर्कुलर रुट बनेगा तो सिख यात्री इसका लाभ उठा सकेंगे. मोदी ने कहा कि अगले एक साल में 30 से 35 एयरपोर्टों से कनेक्टिविटी को जोड़ेंगे. मोदी बोले कि टीयर – 2 के शहरों को हवाई सुविधा से जोड़ना लक्ष्य है.  

पीएम मोदी ने कहा कि हवाई सफर से कई लोगों का समय बचेगा. मोदी ने कहा कि सब उड़े, सब जुड़ें. उन्होंने कहा कि इस सुविधा से हिमाचल प्रदेश के टूरिज्म को काफी बढ़ावा मिलेगा. मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने के जल शक्ति और वायु शक्ति को मजबूत होना काफी जरूरी.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय उन हवाई अड्डों को हवाई कनेक्टिविटी सुलभ कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां वर्तमान में या तो हवाई सेवा बिल्‍कुल भी उपलब्‍ध नहीं है या बेहद कम संख्‍या में उपलब्‍ध है. क्षेत्रीय दृष्टि से महत्‍वपूर्ण शहरों में रहने वाले लोगों को हवाई यात्रा सुलभ कराने के लिए मंत्रालय ने अक्‍टूबर, 2016 में ‘उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) नामक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) शुरू की थी.

विभिन्‍न मुद्दों पर विस्‍तारपूर्वक विचार-विमर्श करने और हितधारकों के साथ सलाह-मशविरा करने के बाद उड़ान योजना तैयार की गई थी. बाजार आधारित व्‍यवस्‍था के जरिये क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाली यह योजना विश्‍व भर में अपनी तरह की पहली स्‍कीम है.

उड़ान योजना राष्‍ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (एनसीएपी) का एक अहम हिस्‍सा है, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 15 जून, 2016 को जारी की थी.

भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण (एएआई) क्रियान्‍वयनकारी एजेंसी है, जिसने आरसीएस-उड़ान के तहत प्राप्‍त 27 प्रस्‍तावों के लिए अनुबंध पत्र जारी किये हैं.

एएआई द्वारा जिन प्रस्‍तावों पर निर्णय लिया गया है, उनकी मुख्‍य बातें निम्‍नलिखित हैं :

  • हवाई अड्डों को कनेक्‍ट किया जाएगा : इन 27 प्रस्‍तावों के जरिये 27 मौजूदा सेवारत हवाई अड्डों, 12 मौजूदा कम सेवारत हवाई अड्डों और मौजूदा समय में गैर-सेवारत 31 हवाई अड्डों (कुल मिलाकर 70 हवाई अड्डे) को कनेक्‍ट किया जाएगा.
  • भौगोलिक विस्‍तार : इन प्रस्‍तावों के तहत भौगोलिक विस्‍तार काफी ज्‍यादा है : पश्चिम भारत के 24 हवाई अड्डों, उत्‍तर भारत के 17 हवाई अड्डों, दक्षिण भारत के  11 हवाई अड्डों, पूर्वी भारत के 12 हवाई अड्डों और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के 6 हवाई अड्डों को कनेक्‍ट करने का प्रस्‍ताव हैं. इन 27 प्रस्‍तावों के जरिये 22 राज्‍यों और 2 केन्‍द्र शासित प्रदेशों को कनेक्‍ट किया जाएगा.
  • रूट एवं नेटवर्क : 16 सुविचारित प्रस्‍ताव एकल रूटों (दो शहरों को जोड़ने वाले) और 11 प्रस्‍ताव नेटवर्कों (तीन या उससे अधिक शहरों को जोड़ने वाले) से संबंधित है.

हवाई जहाज से लगभग 500 किलोमीटर की एक घंटे की यात्रा अथवा हेलिकॉप्‍टर से 30 मिनट के सफर का हवाई किराया अधिक‍तम 2500 रुपये होगा. अलग-अलग दूरी एवं अवधि वाले रूटों पर हवाई सफर का किराया समानुपातिक आधार पर तय किया जाएगा.