अजित शर्मा चुने गए कांग्रेस विधायक दल का नेता, पार्टी विधायकों को बांधे रखना होगा सबसे बड़ी चुनौती

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. जिसमें सर्वसम्मति से नवनिर्वाचित विधायक अजित शर्मा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया. इसके अलावे मो. आफाक आलम उपनेता, राजेश कुमार राम को मुख्य सचेतक, छत्रपति यादव को उप सचेतक, प्रतिमा कुमारी दास को उपसचेतक, विधायक आनंद शंकर को विधायक दल का कोषाध्यक्ष चुने गए.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्क्रीनिंग कंमिटी के चेयरमैन अविनाश पाण्डेय ने इसकी घोषणा की. साथ ही अन्य नामों की भी दोनों ने घोषणा की गयी. विधायक दल की बैठक में 17 विधायक शामिल हुए. इस दौरान दो विधायकों के समर्थकों के बीच मारपीट भी हुई.



विक्रम से विधायक सिद्धार्थ और विजय शंकर दुबे के समर्थक आपस मे भिड़ गए. एक पक्ष सिद्धार्थ को विधायक दल का नेता बनाने के लिए आमदा था तो दूसरा पक्ष विजय शंकर दुबे को बनाने पर आमदा. ऐसे में दोनों ओर से हाथापाई भी हुई, हंगामे किए गए. किसी तरह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मामले को संभाला.

बिहार चुनाव में महागठबंधन को मिली हार के बाद सबसे ज्यादा कोलाहल कांग्रेस में मचा हुआ है. घटक दलों ने कांग्रेस के परफॉर्मेंश पर सवाल खड़े किए हैं. भाकपा माले के दिपांकर भट्टाचार्य ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जितनी सीटें ली गयी उतना अच्छा रिस्पॉन्स नहीं आया. अगर माले को अधिक सीट मिलती तो शायद आज रिजल्ट कुछ और होता.

उधर कांग्रेस ने अपने साथियों के आरोप को सिरे से खारिज किया है. सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि हार का ठिकरा सिर्फ कांग्रेस पर थोपना सहीं नहीं है. हार की जिम्मेवारी सभी दलों को लेनी होगी. हार सत्ताधारी दलों की सेंधमारी के कारण हुई. सीएम आवास से मतगणना को प्रभावित किया गया.