‘नीतीश की बात भले ही PM न मानें, पर हमारी सदस्यता रद्द कराने में बड़ी दिलचस्पी है’

लाइव सिटीज डेस्क : शरद यादव को हाजिर होने का नोटिस जैसे ही मिला एक बार फिर से सियासत तेज हो गई. इस नोटिस पर जदयू के बागी नेताओं की प्रतिक्रियाएं आई हैं. हमला सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर किया गया है.

शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द करने को लेकर जदयू के बागी सांसद अली अनवर ने हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि हमारे पीएम मोदी बिहार के सीएम नीतीश कुमार की कोई भी मांग भले ही न मानें लेकिन अली अनवर और शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द हो इसमें बड़ी दिलचस्पी लेते हैं. 

बता दें कि जदयू के बागी सांसद शरद यादव के लिए दिवाली के दिन बुरी खबर आई. शरद यादव को अतरिक्त सचिव मुकुल पांडेय ने नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर को संसद में उपस्थित होने को कहा है.

बागी शरद यादव को संसद में साढ़े 9 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. दरअसल यह निर्देश उनकी राज्यसभा सदस्यता को रद्द करने से जुड़ा है. 30 अक्टूबर को राज्यसभा के सभापति व देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शरद यादव की सदस्यता रद्द करने के मामले पर सुनवाई करेंगे.

बता दें कि हाल ही में शरद यादव की सदस्यता रद्द करने को लेकर राज्यसभा के सभापति को जदयू सांसद आरसीपी सिंह ने पत्र सौंपा था. पत्र में मांग की गई थी कि शरद यादव की सदस्यता रद्द की जाए.

मालूम हो कि बिहार में महागठबंधन टूटने और सीएम नीतीश कुमार का भाजपा से हाथ मिला लेने के बाद शरद यादव ने बागी तेवर अपना लिया था. उन्होंने नीतीश कुमार पर जम कर हमला बोला. पार्टी रुख के खिलाफ उन्होंने कई कार्य किये. जिससे पार्टी नाराज हो गई. कई बार शरद यादव पर नरम रुख भी अपनाया गया. लेकिन वे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की पटना में आयोजित महारैली में भी शामिल हो गए थे. जिसके बाद उन पर कार्रवाई लगभग तय हो चुकी थी.