मुजफ्फरपुर जिले में ये सब दुकानें हफ्ते में मात्र चार दिन ही खुलेंगी, जिलाधिकारी ने कह दिया…जान लीजिए

लाइव सिटीज, अभिषेक/मुजफ्फरपुर: बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो गयी है. लगातार केसेज बढ़ते जा रहे हैं. डबल,ट्रिपल स्पीड से प्रत्येक दिन लोग संक्रमित हो रहे हैं. आम से खास लोगों की मौत भी हो रही है. कोरोना की भयावहता को देखते हुए नीतीश सरकार ने कई बड़े निर्णय लिए हैं. क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बाद कई तरह की पाबंदियां लगा दी गयी है. साथ ही जिलों में सक्षम पदाधिकारी को धारा 144 लगाने और कोरोना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की स्वतंत्रता दे दी गयी है.

इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए पुलिस अधिकारी और व्यवसायी संघ के साथ बैठक की. बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए डीएम प्रणव कुमार ने बताया कि जिले में फल और सब्जियों की दुकानें सुबह से शाम 4 बजे तक खुली रहेगी. इसके अलावे रेडीमेड गारमेंट्स/थोक वस्त्र  की दुकानें सोमवार से गुरुवार यानी हफ्ते में मात्र चार दिन सुबह से शाम 05 बजे तक ही खुली रहेगी.

जिलाधिकारी ने बताया कि नियमों को सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी सक्षम अधिकारी को दी गयी है. इसके लिए पांच स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है. जो नियमों को सख्ती से पालन कराने का काम करेंगे. इसके अलावे राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि दुध और दवा की दुकानों पर ये नियम लागू नहीं होंगे.

बता दें कि आज ही जेडीयू विधायक व पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी की कोरोना से मौत हो गई. इस खबर ने न केवल सियासी गलियारे में, बल्कि आम-आवाम को भी झकझोर दिया है. इस घटना से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी दुखी हैं. उन्होंने दिवंगत विधायक मेवालाल चौधरी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करने का आदेश दिया है.

मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जीत कर दूसरी बार विधायक बनने वाले मेवालाल चौधरी ने आज सुबह पटना के पारस अस्पताल में अंतिम सांस ली. वे तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गए थे. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए. इससे तारापुर स्थित उनके घर पर सन्नाटा पसर गया है

इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि मेवालाल चौधरी एक कुशल राजनेता, प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं प्रख्यात समाजसेवी थे. वे मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. उनके निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से काफी मर्माहत हूं. उनका निधन बहुत ही दुखद है. उनके निधन से शिक्षा, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. उन्होंने कहा कि मेवालाल चौधरी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.