नहीं रहे बीजेपी के ‘अरूण’, इन 6 योजनाओं के लिए याद किए जाएंगे मोदी के ‘ट्रबलशूटर’

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली ने दुनिया को अलविदा कह दिया है. शनिवार 24 अगस्त को अरूण जेटली ने दिल्ली के एम्स में 12.07 बजे आखिरी सांसें ली. बता दें कि हाल ही में बीजेपी की एक और कद्दावर और वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का भी निधन हो गया था. केंद्र की मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अरूण जेटली ने ट्रबलशूटर की भूमिका निभाई थी. पार्टी में पीएम मोदी और वर्तमान गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बाद वे सरकार में सबसे ताकतवार नेता माने जाते थे.

मोदी सरकार में ट्रबलशूटर थे जेटली

जीएसटी, नोटबंदी से लेकर राफेल डील जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने बीजेपी की सरकार के लिए बतौर ट्रबलशूटर की भूमिका निभाई. पेशे से वकील अरूण जेटली लंबे समय तक बीजेपी के प्रवक्ता भी रहे. वाजपेयी सरकार और मोदी सरकार में उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली थी. अरूण जेटली को उनके कार्यकाल के दौरान कई बातों के लिए याद किया जाएगा लेकिन कुछ ऐसी योजनाएं रही जो स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएंगी. जेटली हमेशा नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों के लिए याद किए जाएंगे क्योंकि इससे पहले ऐसे फैसलों को लेकर पहले किसी पार्टी ने हिम्मत नहीं दिखाई थी.

नोटबंदी के रणनीतिकार थे अरूण जेटली

नोटबंदी को पूरा देश कभी नहीं भूल सकता है. पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान कर 1000 और 500 को लीगल टेंडर नहीं होने की घोषणा कर दी थी. इस पूरे फैसले की रणनीति में तत्कालीन वित्त मंत्री अरूण जेटली का अहम योगदान था. नोटबंदी की पूरी योजना गोपनीय तरीके से बनाई गई थी जिसमें अरूण जेटली ने मुख्य भूमिका निभाई थी. बता दें कि केंद्र सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने और नकली करेंसी को पकड़ने के उद्देश्य से इस फैसले को लिया था.

स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी जनधन योजना

पीएम मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान लिया गया एक और फैसला जो स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा और जिसमें अरूण जेटली अहम भूमिका निभाई थी वो थी जनधन योजना. जनधन योजना के माध्यम से देश के आम आदमी की पहुंच भी बैंकिंग सिस्टम तक हो गई. बता दें कि जनधन योजना के कारण आज देश में 35.39 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खुले हैं. मोदी सरकार ने जनधन योजना की शुरुआत 2014 में की थी. इस योजना को सफल बनाने में अरुण जेटली का बड़ा योगदान है. जेटली की सफल रणनीति की वजह से ही आज मोदी सरकार इस योजना को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती है.

जीएसटी को पटरी पर दौड़ाया था जेटली ने

जीएसटी यानि कि एक राष्ट्र के लिए एक टैक्स. मोदी सरकार के लिए ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था. लेकिन इस योजना को सही दिशा देकर ट्रैक पर दौड़ाने का पूरा श्रेय दिवंगत अरूण जेटली को ही जाता है. जीएसटी वित्तीय क्षेत्र में सुधार को लेकर सबसे बड़ा कदम है, जिसे लागू करवाने को लेकर अरुण जेटली को हमेशा याद किया जाएगा. बता दें कि इसको लेकर पिछली सरकारों में केवल चर्चा हुई थी लेकिन अरूण जेटली ने हिम्मत दिखाते हुए इसे लागू किया और ट्रैक पर भी लाए.

पूरी दुनिया में हुई आयुष्मान भारत योजना की तारीफ

मोदी सरकार के द्वारा लाए गए आयुष्मान भारत योजना की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है. ऐसा इसलिए है क्योंकि अरूण जेटली ने इस योजना को धरातल पर लाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी. अरुण जेटली ने 2018-19 के लिए आम बजट पेश करते हुए इस योजना की शुरुआत की थी. इस योजना ने लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के लिए संजीवनी काम किया. आयुष्मान योजना के तहत आने वाले परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है.

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पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मुद्रा योजना को उतारा धरातल पर

पीेएम नरेंद्र मोदी की ड्रीम प्रोजेक्ट मुद्रा योजना को धरातल पर उतारने में भी तत्कालीन वित्त मंत्री अरूण जेटली का योगदान रहा. इसे लॉन्चिंग से लेकर सफल बनाने में वित्त मंत्रालय का बड़ा योगदान रहा था. वित्त मंत्री रहते हुए अरुण जेटली ने इसे लोगों तक पहुंचाने का काम किया था. इस योजना का लाभ सबसे अधिक महिलाओं को मिला है. करीब 73 प्रतिशत लोन महिला उद्यमियों को मिले हैं. दअरसल इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार की ओर मोड़ना है. देश के तमाम बैंकों के जरिए ये लोन दिए जा रहे हैं.

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सुकन्या समृद्धि योजना काफी सफल रही

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए निवेश किया जाता है. इस योजना को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लॉन्च किया गया है. कोई भी अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत महज 250 रुपए जमाकर अकाउंट खुलवा सकता है. जब-जब सुकन्या समृद्धि योजना की बात होगी तब-तब अरुण जेटली को याद किया जाएगा. अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट भाषण में कहा था कि जनवरी, 2015 में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना काफी सफल रही है.

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