भूख हड़ताल पर बैठे ऑटो चालक, अपनी गारंटी पर एक लाख का लोन दिलाए सरकार

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : लॉकडाउन की वजह से राजधानी समेत पूरे पटना जिले में ऑटो का परिचालन पूरी तरह से ठप था. मंगलवार को ही राज्य सरकार के आदेश पर पटना जिला प्रशासन ने शर्तों के अधार पर ऑटो चलाने का परमिशन दिया. एक ऑटो में दो पैसेंजर बैठाने और लॉकडाउन में आम दिनों से दो गुणा भाड़ा वसूलने का निर्देश दिया.

लेकिन सरकार और जिला प्रशासन का यह फैसला पटना के ऑटो चालकों को मंजूर नहीं है. वो सरकारी फैसले के विरोध पर उतर आए हैं. दो दिनों के भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. पटना जंक्शन के पास स्थित ऑटो स्टैंड में खाली थाली पिटकर धरना दे रहे हैं. गुरुवार को शुरू हुआ इनका भूख हड़ताल व धरना शुक्रवार तक चलेगा.

कैसे भड़वाएंगे पेट्रोल?

ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष पप्पू यादव का तर्क है कि एक ऑटो में दो पैसेंजर के बैठाने पर पेट्रोल का भी खर्चा नहीं निकल पाएगा. बाहर और दूसरे जिलों के लोग पटना आ नहीं रहे हैं. अधिक भाड़ा की वजह से पैसेंजर ऑटो में बैठना नहीं चाहते हैं. ऐसे में ऑटो चालक गाड़ी में पेट्रोल कैसे भरवाएंगे? करीब दो महीने से ऑटो चला नहीं. आमदनी नहीं होने की वजह से चालक और उसके परिवार के सामने भूखमरी की नौबत आ गई है. परिवार का खर्च कैसे चलेगा? बच्चों के स्कूल का फीस कैसे जमा होगा? इसके बारे में सरकार ने कुछ सोंचा ही नहीं.

सरकार को पूरे करने होंगे डिमांड

भूख हड़ताल पर बैठे ऑटो चालकों ने राज्य सरकार के सामने कई डिमांड्स रखे हैं. इनकी पहली डिमांड है कि सरकार अपनी गारंट पर एक लाख रुपए का लोन दिलवाए. जिससे ये अपनी जरूरतों को पूरा कर सके. दूसरी डिमांड यह है कि प्रत्येक आॅटो चालक को तीन महीने का राशन और 10 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए. इनकी तीसरी डिमांड यह है कि जिस आॅटो का पेपर फेल हो चुका है, उसकी मान्यता 30 सितंबर तक बढ़ाई जाए.