लाइव सिटीज डेस्क : रिजर्व बैंक ने एटीएम पर होने वाले ट्रांजेक्शन के लिए काफी कड़े नियम बना दिए हैं, जिसके बाद एटीएम ऑपरेटर्स ट्रांजेक्शन चार्ज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. एटीएम इंडस्ट्री ने ट्रांजेक्शन पर 3-5 रुपये बढ़ाने की मांग की है, ताकि वो अपने खर्चों को पूरा कर सके. सीएटीएमआई के निदेशक के श्रीनिवासन ने कहा एटीएम ऑपरेटर्स के खर्चे पहले ही काफी बढ़ चुके हैं. बैंकों ने आरबीआई को जो प्रस्ताव दिया है उसके मुताबिक प्रत्येक ग्राहक को हर महीने मिलने वाले मुफ्त ट्रांजेक्शन की संख्या को घटाया जा सकता है.

अभी ज्यादातर बैंक कुल मिलाकर 8 ट्रांजेक्शन मुफ्त देते हैं, जिनमें 5 अपनी बैंकों पर और 3 अन्य बैंकों पर मिलते हैं. इनको घटाकर के कुल 5 किया जा सकता है. एटीएम पर डेबिट कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन करने वालों को जल्द ही एक बड़ा झटका बैंक देने जा रहे हैं. इसके लिए केवल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से मंजूरी मिलनी है, जिसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा.

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया

बैंक इसके अलावा एटीएम पर होने वाले नॉन बैंकिंग ट्रांजेक्शन की फीस को भी 18 रुपये से बढ़ाना चाहते हैं. यह बढ़कर के 25 रुपये तक हो सकती है. इस फीस को 2012 में तय किया गया था और तब से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. एटीएम से एक ट्रान्जेक्शन की लागत एक दिन का 23 रुपये आती है.वर्तमान में सभी बैंक एटीएम पर होने वाले कैश ट्रांजेक्शन के लिए 15 रुपये और नॉन कैश ट्रांजेक्शन करने पर खाते से 5 रुपये काटते हैं. यह चार्ज हर महीने फ्री में मिलने वाले ट्रांजेक्शन के ऊपर लगता है.

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आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, देना बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉर्पोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक आदि ने पिछले एक साल में अपने 1635 एटीएम को बंद कर दिया है.