भारतीय जनता सिने एंड टी वी कामगार संघ ने पटना में फूंका पत्रकार राजदीप सरदेसाई का पुतला

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: सुशांत सिंह राजपूत को लेकर वरिष्‍ठ पत्रकार राज सरदेसाई द्वारा दिए गए एक बयान पर पटना में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है. भारतीय जनता सिने एंड टी वी कामगार संघ के अध्यक्ष फूल सिंह आज ने राजधानी पटना के डाक बंगला चौराहा पर आज देश के वरिष्‍ठ पत्रकार राज सरदेसाई और महाराष्‍ट्र सरकार का पुतला फूंका. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि राजदीप सरदेसाई ने जो स्‍टेटमेंट बिहार के प्रतिभाशाली बेटे सुशांत सिंह राजपूत को लेकर दिया है, उसके बाद हमें शक है कि उनकी मिलीभगत महाराष्‍ट्र सरकार के साथ सुशांत के हत्‍यारे को बचाने में तो नहीं है.

मालूम हो कि शनिवार को अपने एक कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत कोई बड़े अभिनेता नहीं थे, जिनके लिए देश में बबाल हो.



फूल सिंह ने राजदीप को भ्रष्‍ट पत्रकार बताते हुए इंडिया टुडे से उनकी बर्खास्‍तगी तक की मांग कर दी. उन्‍होंने कहा कि अगर इंडिया टुडे उनकी नहीं निकालती, तो वे उनके दफ्तर के सामने प्रदर्शन करेंगे. वहीं, सुशांत मर्डर केस में महाराष्‍ट्र की उद्दव सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किये और पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में आज तक ऐसा कोई मामला नहीं देखा गया, जब कोई सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करे, तब दूसरी सरकार कोई सरकार इसका विरोध कर रही हो. उन्‍होंने पूछा कि आखिर महाराष्‍ट्र सरकार क्‍यों विरोध कर रही है? कौन लोग हैं इसमें शामिल, जिसको महाराष्‍ट्र सरकार बचा रही है?

उन्‍होंने कहा कि सुशांत मामले में महाराष्‍ट्र सरकार की साजिश तब जाहिर हो गई है, जब जांच को मुंबई गए जाबांज आईपीएस विनय तिवारी को क्‍वरंटाइन कर दिया गया. उसके अगले दिन मैं भी गया. मुझे भी खोजा गया, लेकिन हमलोग किसी तरह से विनय तिवारी के साथ वापस आ गए. वहीं, महाराष्‍ट्र पुलिस ने बिना कोई एफआईआर दर्ज किये, मामले को आत्‍म हत्‍या करार दे दिया, जबकि ये काम न्‍यायालय का है। ऐसे कई पहलु हैं, जो इस ओर साफ इशारा करते हैं कि महाराष्‍ट्र पुलिस सरकार के इशारे पर काम रही है, जो किसी को बचाने में लगी है. मगर हम ही नहीं, अब तो पूरी दुनिया सुशांत को न्‍याय दिलाना चाहती है. इसलिए अब केस सीबीआई के हाथ में है, तो हमें उम्‍मीद है न्‍याय मिलेगा.