सवर्ण आरक्षण के समर्थक गद्दार मांझी को महागठबंधन से हटाइये तेजस्वी जी : अमर आजाद

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अमर आजाद (फाइल फोटो

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : केंद्र सरकार ने देश में सवर्ण समाज को गरीबी के आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल संसद से पास करा लिया है. अब इस बिल को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की सहमति का इंतजार है. इस बिल के समर्थन और विरोध को लेकर भी खूब राजनीति हुई है. इसी क्रम में बिहार में भीम आर्मी ने अब एक नयी मांग रख दी है. भीम आर्मी ने राजद नेता तेजस्वी यादव से हम प्रमुख जीतन राम मांझी पर कार्रवाई की मांग की है. वजह कि, महागठबंधन में शामिल मांझी ने सवर्ण आरक्षण का समर्थन किया है.

भीम आर्मी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अमर आजाद ने इस संबंध में तेजस्वी यादव को एक पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में मांझी द्वारा केंद्र सरकार के इस संविधान संशोधन बिल का समर्थन किये जाने की निंदा की है. साथ ही इस आधार पर उन्हें ‘गद्दार’ कहते हुए महागठबंधन में तरजीह न देने की मांग की है. आगे पढ़ें अमर आजाद द्वारा तेजस्वी यादव को लिखा गया पत्र …

सवर्ण आरक्षण पर बोले मांझी – बिहार में आरक्षण का कोटा बढ़ा कर लागू करें नीतीश कुमार

“संविधान में आरक्षण की मूल भावना के खिलाफ केंद्र सरकार आर्थिक आधार पर 10% सवर्ण आरक्षण का बिल लायी. जिसका आपकी पार्टी ‘राष्ट्रीय जनता दल’ के द्वारा विरोध किया गया. आपकी पार्टी के इस फैसले का भीम आर्मी व समस्त बहुजन समाज स्वागत करता है. साथ ही इसके लिए आभार प्रकट करता है. परंतु बिहार में महागठबंधन की एक पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उसके नेता जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार के इस संविधान और बहुजन विरोधी फैसले का समर्थन किया है. जिसका भीम आर्मी कड़े शब्दों में निंदा करती है.

हम आपसे कहना चाहेंगे कि न तो हम पार्टी दलितों के लिए है, न ही श्री मांझी दलितों का प्रतिनिधित्व करते हैं. श्री मांझी भले ही दलित समाज में पैदा लिए हैं, पर वे हमारे समाज के नेता नहीं हैं. उनके मुख्यमंत्री रहते जिस अनंत सिंह ने उनको पागल बोला, और मारने की खुले आम धमकी दी, आज उस अनंत सिंह का वो महागठबंधन में स्वागत करने संबंधी बयान दिए हैं, जिससे दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा है.

इससे साबित होता है कि न तो उनकी कोई विचारधारा है, न वे दलित समाज की भावनाओं की परवाह करते हैं. वे लगातार ये बयान देते आये हैं कि सम्पन्न दलितों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए, और वे और उनका परिवार आरक्षित सीट से कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसलिए भीम आर्मी आपसे आग्रह करती है कि ऐसे समाज के गद्दार नेताओं को महागठबंधन में विशेष तरजीह नहीं दिया जाये. और या तो उनकी पार्टी हम (से.) को महागठबंधन से बाहर किया जाय या एक जेनरल सीट दिया जाय. ताकि वे अपने वादे और बयान के अनुसार सामान्य सीट से स्वयं या अन्य उम्मीदवार को चुनाव लड़ा सकें.

भीम आर्मी व बहुजन समाज, जीतन राम मांझी और उनकी हम पार्टी का बहिष्कार करता है. सवर्ण आरक्षण के खिलाफ जाकर राजद ने ऐतिहासिक कार्य किया है, जिसे बहुजन समाज कभी भूल नहीं पायेगा. इसके लिए पुनः आभार.”

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