BHU: यहां जब मनचले लड़कियां छेड़ते हैं तो इसे ‘लंकेटिंग’ कहा जाता है

लाइव सिटीज डेस्क : बीएचयू यूनिवर्सिटी में खूब बवाल मचा है. छात्रा के साथ छेड़खानी के बाद यह यूनिवर्सिटी उबल उठा. खूब लाठियां चटकीं. अब तो मामला इतना बढ़ चुका है कि पुलिस ने इस यूनिवर्सिटी के 1000 छात्रों पर FIR दर्ज कर चुकी है. वहीं स्टूडेंट्स कुलपति को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन यहां एक बात बता दें कि यहां लड़कियों को छेड़छाड़ करना इतना आम हो गया है कि लड़कियां इसे रूटीन समझ कर सहन करने लगी हैं. यहां लड़कियों को छेड़ना ‘लंकेटिंग’ कहलाता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बीएचयू कैंपस में लड़कियों की छेड़खानी के लिए शोहदों ने बकायदा एक टर्म बना लिया है और इसे ‘लंकेटिंग’ के नाम से जाना जाता है. ‘लंकेटिंग’ शब्द बीएचयू के सिंह द्वार गेट के पास स्थित लंका बाजार के नाम पर बना है. बीएचयू कैंपस के आसपास घुमने वाले गुंडे किस्म के लोग लड़कियों को तंग और परेशान करने के लिए ‘लंकेटिंग’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं.

लंका बाजार में बाइक पर सवार लफंगे छात्राओं और महिलाओं का पीछा करते, उन पर अश्लील कमेंट्स करते नजर आ जाएंगे. बीएचयू के एक मात्र वूमेंस कॉलेज महिला महाविद्यालय के आस पास भी ऐसे सड़क छाप मजनुओं की भरमार दिखती है. इन घटनाओं की वजह से इस इलाके में अक्सर झगड़े और मारपीट होते रहते हैं.

यहां के छात्राओं का कहना  है  कि जब भी हम इस बाजार की ओर जाते हैं हम ग्रुप बनाकर निकलते हैं या फिर अपने साथ किसी लड़के को जाने कहते हैं. इन इलाकों में छेड़खानी की आशंका हर वक्त रहती है. कुछ और छात्राओं का कहना है कि वे ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त कर जाती हैं, क्योंकि इन वाकयों को रिपोर्ट करने पर उलटे बदनामी का खतरा रहता है.

लेकिन कुछ छात्रों ने कहा कि ‘लंकेटिंग’ शब्द को छेड़छाड़ से जोड़कर बदनाम किया जा रहा है. स्टूडेंट्स का मानना है कि लंका बाजार में घूमना, खाना पीना, चाय नाश्ता करना  लंकेटिंग कहा जाता है.

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