बिहार पुलिस विभाग का बड़ा फैसला: 50 की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों की होगी छटनी, विरोध शुरू

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार पुलिस विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग पुलिस में 50 साल से ज्‍यादा उम्र के पुलिसकर्मियों की छटनी कर सकता है. पुलिसकर्मियों के कामकाज की समीक्षा मुख्यालय स्तर पर की जाएगी. अगर वो अपने काम में दक्ष नहीं पाए गए तो उनको जबरन रिटार्यड कर दिया जाएगा. इसको लेकर सभी जिलों के एसपी और रेल एसपी को विभाग की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है.

पत्र में सभी जिलों के एसपी और रेल एसपी को निर्देश दिया गया है कि ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची भेजें जो अपने काम में दक्ष नहीं है. सभी जिलों के मिले रिपोर्ट पर प्रत्येक महीने के 9 तारीख को समीक्षा की जाएगी.



विभाग के इस फैसले पर बिहार पुलिस एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने इस फैसले को तानाशाही फैसला करार देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में सरकार के आदेश के तहत पत्र निर्गत कर 50 वर्ष से अधिक उम्र के अनुभवी पुलिसकर्मीयो को अयोग घोषित करके सेवा से हटाने की साजिश हो रही है. वरीय अधिकारी इस तरह के आदेश का नाजायज इस्तेमाल करेंगे.

उन्होंने कहा कि इस तरह के आदेश से किसी भी वरीय के अधीन कार्य कर रहे कर्मी का आर्थिक और मानसिक शोषण होगा. जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगा. काफी लंबी अवधि तक अपनी सेवा योग्यता , कर्मठता , अनुभव से कुशलता पूर्वक निर्वहन के बाद पदोन्नति का अवसर इस उम्र में मिलता है.

मृत्युंजय ने कहा कि इस उम्र में कर्मियों की पारिवारिक जवाबदेही काफी बढ़ जाती है. बच्ची-बच्चों की शादी, उच्च शिक्षा के साथ बहुत सारी परिवारिक जिम्मेदारी रहती है. इस तरह के कार्रवाई से सभी स्तर के कर्मियों में काफी आक्रोश और भय का माहौल है. अगर इस तरह कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा तो वे मानसिक पीड़ा से विचलित होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे.

इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए एसोसिएशन ने पत्र लिखकर पुलिस मुख्यालय से आगाह पूर्वक मांग किया कि पुलिस विभाग में इस तरह की कार्रवाई पर अविलंब अंकुश लगाया जाए, नहीं तो इसका हर स्तर पर विरोध प्रतिकार होगा. इस तरह का आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए. इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार के लगभग सारे कर्मचारी इस आदेश से चिंतित और आक्रोशित हैं.