बड़ी खबर: गोवा के पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा का निधन, देश में शोक की लहर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : गोवा के पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा का निधन हो गया. उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गयी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा की पूर्व राज्यपाल व वरिष्ठ भाजपा नेता मृदुला सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त किया.  उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मृदुला सिन्हा जी ने जीवन पर्यन्त राष्ट्र, समाज और संगठन के लिए काम किया। उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ.” वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी मृदुला सिन्हा के निधन का अपूरणीय छति करार देते हुए शोक जताया.

मृदुला सिन्हा भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. उन्होंने जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व वाली ‘समग्र क्रांति’ में सक्रियता से भाग लिया था. मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने बीएड की डिग्री हासिल की थी. उन्होंने बिहार के मोतिहारी स्थित डॉ. एसके सिन्हा वुमेन्स कॉलेज में लेक्चरर के रुप में अपने करियर की शुरुआत की. बाद में वह मुजफ्फरपुर के भारतीय शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य बनीं.उनकी शादी डॉ. राम कृपाल सिन्हा से हुई जो पूर्व में कॉलेज लेक्चरर थे और बाद में बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बने.



मृदुला ने विभिन्न विषयों पर 46 से अधिक किताबें लिखी हैं. उनके साहित्यिक कार्य में ‘ज्यों मेहंदी को रंग’ (एक उपन्यास-जिस पर दूरदर्शन पर एक लघु फिल्म बनी), ‘नई देवयानी’ (उपन्यास), ‘घरवास’ (उपन्यास), ‘सीता पुनी बोली’ (उपन्यास) और अन्य शामिल हैं. वह दिवंगत राजमाता विजयराजे सिंधिया पर जीवनी भी लिख चुकी हैं.

उनके कहानी संग्रह में ‘एक दिये की दिवाली’, ‘अपना जीवन’ आदि हैं. उन्होंने बच्चों के लिए ‘आइने के सामने’, ‘मानवी के नाते’ और ‘बिहार की लोक कथाएं’ जैसे निबंध भी लिखे हैं. वह विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हिन्दी अखबारों एवं पत्र-पत्रिकाओं में नियिमित रुप से स्तंभ लिखती रही हैं.