सोनिया के बुलावे को नीतीश की ‘ना’, उठने लगे सियासी सवाल…

लाइव सिटीज डेस्क : देश में जुलाई में राष्ट्रपति चुनाव होना है. इसके लिए कांग्रेस ने विपक्ष को एकजुट करने के लिए 26 मई को सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है. लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया है. उन्होंने सोनिया के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से कहा है कि वह इतने शॉर्ट नोटिस में नहीं आ सकते. हालांकि नीतीश कुमार ने शरद यादव को बैठक में जाने को कहा है. 

लेकिन उनके बैठक में शामिल नहीं होने से कयासों का दौर एक बार फिर से शुरू हो गया है. सियासत के गर्म होने की उम्मीद भी राजनीतिक दल लगाने लगे हैं. नीतीश के ना कहने से महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चलने की बात कही जा रही है.

इस मामले में भाजपा प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन में खुश नहीं है. इसमें बिलकुल कोई न कोई सियासत है. नीतीश अलग स्टैंड लेकर इस बात के संकेत दे रहे हैं कि महागठबंधन में सब ठीक नहीं है. वहीं जब उनसे पूछा गया कि नीतीश ने किनारा जरूर किया है लेकिन जदयू से वरिष्ठ नेता व सांसद शरद यादव को बैठक में शामिल होने को कहा गया है. तो इस पर विनोद नारायण झा ने कहा कि शरद यादव राष्ट्रीय स्तर पर उतने प्रभावी नेता नहीं हैं. 

वहीँ जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जदयू में सब ठीक है. सीएम नीतीश कुमार किसी सरकारी कार्यक्रम में फंसे होने की वजह से से शिरकत नहीं कर रहे हैं. जदयू की ओर से शरद यादव जा रहे हैं. वे हमारी पार्टी के बड़े और सम्मानित नेता हैं.  

बता दें कि 26 मई को संसद भवन परिसर की लाइब्रेरी में विपक्षी दलों की बैठक होने वाली है. इसकी अगुवाई सोनिया गांधी कर रही हैं. इस होने वाली बैठक में प्रणब मुखर्जी को दोबारा राष्ट्रपति बनाये जाने को लेकर सहमती बनायीं जाएगी. इसके लिए सोनिया गांधी की लगभग सभी दलों के नेताओं से या तो मुलाकात हो चुकी है या फिर टेलीफोन पर बात हुई है.

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