‘आरजेडी और उसके सहयोगी दलों को कोरोना से जीतता हुआ बिहार अच्छा नहीं लग रहा है’

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर लालू राबड़ी शासनकाल पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा कि लालू-राबड़ी राज में सौ से ज्यादा नरसंहार हुए और पंचायतों-निकायों में दलितों-पिछड़ों को रिजर्वेशन दिये बिना चुनाव कराये गए. उनकी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण बिल की कापी फाड़ी.

जब एनडीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर में दलितों-पिछड़ों को रिजर्वेशन का लाभ दिलाने के लिए धारा-370 हटाने का बिल लाया, तब भी राजद ने विरोध में आवाज उठायी. तेजस्वी प्रसाद यादव क्या इसी तरह का सामाजिक न्याय लाना चाहते हैं, जिसमें दलितों-पिछड़ों-महिलाओं को मुखिया बनने का भी मौका न मिले?.



वे एक तरफ लालूराज की गलतियों के लिए माफी मांगते हैं, दूसरी तरफ वही दौर दोहराना चाहते हैं.    यह दोहरापन अब नहीं चलने वाला. कोरोना और बाढ़ से उत्पन्न दोहरी चुनौती का सामना करने में बिहार को अच्छी सफलता मिली, जिससे राजद में हताशा वे केवल झूठ और नकारात्मकता के सहारे राजनीति कर रहे हैं.

वे जब 16 जिलों में बाढ़ का जिक्र करते हैं, तब यह नहीं बताते कि 13 लाख 22 हजार 691 परिवारों के खाते में 6-6 हजार रुपये डालने के लिए 793 करोड़ 61 लाख रुपये किसने खर्च किये ?  वे नीट-जेईई की परीक्षा और चुनाव टालने के लिए कोरोना का भय दिखाते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि बिहार में रिकवरी रेट 85.95 फीसद हो चुका है.

आगे उन्होंने लिखा कि राज्यभर में कोविड अस्पताल खोले गए, बिहटा में 500 बेड का विशेष अस्पताल शुरू हुआ, जांच की दर रोजाना 1 लाख से ज्यादा हुई और अब मात्र 2 फीसद मरीज मिल रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार ने  संक्रमण रोकने के लिए जितनी तेजी से काम किया, उससे अब तक 1 लाख 12 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. राजद और उसके सहयोगी दलों को कोरोना से जीतता हुआ बिहार अच्छा नहीं लग रहा है.