बिहार सरकार का बड़ा फैसला, बिना बीएड वाले भी बन पाएंगे शिक्षा सेवा के अधिकारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश सरकार शिक्षा विभाग से जुड़े कई बड़े फैसले ले रही है. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने चुनाव से ठीक पहले एक साथ दो बड़े फैसले लिए और पदाधिकारियों को तोहफा दे दिया. इस नए फैसले के तहत बिहार शिक्षा सेवा के अधिकारियों के लिए अब बीएड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है साथ ही बिहार शिक्षा सेवा नियमावली में भी संशोधन किया गया है.

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासनिक) के अधिकारियों को बीएड करना अनिवार्य नहीं होगा. शिक्षा विभाग के अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह ने इस संबंध में विभागीय सूचनाओं की जारी कर दी है. इस संशोधन के बाद अब शिक्षा सेवा नियमावली 2014 की बजाय 2020 से कही जाएगी.



आपको बताते हैं कि बिहार शिक्षा सेवा नियमावली 2014 में बीएड की अनिवार्यता थी. तब अधिकारियों को 2 साल के परिवीक्षा अवधि में विभिन्न प्रशिक्षण के साथ ही बीएड कोर्स करना अनिवार्य किया गया था. बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने के बाद पदाधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. बिहार शिक्षक शिक्षा सेवा (प्रशासनिक) संघ के अध्यक्ष विनोदानंद झा और महासचिव अमित कुमार ने सरकार को धन्यवाद भी दिया है.