यशवंत सिन्हा का बड़ा हमला, कहा-तुगलकशाही है AAP विधायकों को अयोग्य घोषित करने का फ़रमान

यशवंत सिन्हा(फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने को तुगलकशाही फैसला करार दिया. उन्होंने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति का फैसला न्याय की प्रकृति के खिलाफ है. इस मामले में न कोई सुनवाई हुई और न ही हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया गया. स्वाभाविक न्याय का पूरी तरह गर्भपात करा दिया गया.

यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा कि आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने का राष्ट्रपति का फैसला नैसर्गिक न्याय को पूर्ण रूप से निष्फल बनाना है. कोई सुनवाई नहीं, उच्च न्यायालय के आदेश का कोई इंतजार नहीं. यह बदतरीन किस्म की तुगलकशाही है. अहंकारी हैं PM नरेंद्र मोदी, करेंगे ऐसा आंदोलन जो पहले कभी नहीं देखा होगा

यशवंत सिन्हा का ट्वीट

कोविंद की मंजूरी के बाद, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने दिल्ली विधानसभा के 20 सदस्यों को दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार अधिनियम (जीएनसीटीडी) के तहत अयोग्य ठहराया है. निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ‘आप’ के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश की थी. इन सभी पर बतौर संसदीय सचिव लाभ के पद पर आसीन होने के आरोप लगाए गए थे.

रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति (फाइल फोटो)

आयोग ने राष्ट्रपति को अपना सुझाव वकील प्रशांत पटेल की शिकायत पर दिया था. हिंदू लीगल सेल के सदस्य पटेल ने जून 2015 में संसदीय सचिवों की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष याचिका दाखिल की थी. पटेल द्वारा दाखिल शिकायत में कहा गया कि जरनैल सिंह समेत ‘आप’ के 21 विधायकों को दिल्ली सरकार में मंत्रियों के लिए संसदीय सचिव नियुक्त करके संविधान का उल्लंघन किया गया था.

जरनैल सिंह ने पिछले साल पंजाब विधानसभा चुनाव में भाग लेने के लिए राजौरी गार्डन सीट से इस्तीफा दे दिया था. बता दें कि लाभ के पद के उल्लंघन मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से सिफारिश की थी. राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी.

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