23 मार्च से अनशन व जेल भरो आंदोलन, मोदी सरकार को अन्ना का अल्टीमेटम

अन्ना हजारे, समाजसेवी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्कः एक बार फिर से अनशन के मूड में हैं समाजसेवी अन्ना हजारे. इस बार अन्ना हजारे ने सेंट्रल से टक्कर लेने की ठान ली है. अन्ना हजारे ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए रविवार को उसके खिलाफ आगामी 23 मार्च को दिल्ली में अनशन करने तथा जेल भरो आंदोलन चलाने का ऐलान किया.

हजारे ने नगर पालिका मैदान पर भारतीय किसान यूनियन की ‘राष्ट्रीय किसान महापंचायत’ में कहा कि आज देश का किसान बदहाल है. देश में किसानों द्वारा आत्म हत्या के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है. सरकार ने किसानों के प्रति कल्याणकारी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की. केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को उन्होंने कई बार पत्र भी लिखे लेकिन कुछ नहीं हुआ. PM से बोले अन्ना -जो करना चाहिए वो आप नहीं कर रहे, जो नहीं करना चाहिए तुरंत कर दे रहे हैं



उन्होंने केन्द्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार को मौका देने के लिये वह साढ़े तीन साल तक कुछ नहीं बोले, लेकिन सरकार को किसान की नहीं उद्योगपतियों की चिंता है. उसने लोकपाल को कमजोर कर दिया है. मोदी जो कदम उठा रहे हैं उससे लोकतंत्र खतरे में है और देश ‘हुकुम शाही’ की तरफ जा रहा है.

केन्द्र की पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत संप्रग सरकार के खिलाफ भी पुरजोर अभियान चला चुके हजारे ने किसानों की समस्याओं को लेकर 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन करने और देश भर में जेल भरो आंदोलन चलाने का ऐलान किया. हजारे ने कहा कि देश के सभी राज्यों में अनशन के साथ अहिंसक तरीके से जेल भरो आंदोलन किया जाएगा. जब तक किसानों की बात नहीं मानी जायेगी तब तक लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने किसानों से अपने आंदोलन को समर्थन देने की अपील भी की.