आराः सड़क पर उतरे बालू व्यवसायी और मजदूर तो धड़ाधड़ गिर गए शटर, रोक दी गईं कई ट्रेनें भी

हावड़ा-दिल्ली रेलरूट रहा बाधित

आरा(पुष्कर पांडेय/सोनू सिंह) : बुधवार की सुबह से ही व्यवसायियों की आवाजों में दम था. लगातार संख्या में इजाफा हो रहा था. जिधर निकल रहे थे उधर धड़ाधड़ शटर गिरने लगते. बालू नहीं मिलने का विरोध भोजपुरी व्यवसाय संघर्ष मोर्चा के बैनर तले साफ दिखाई दे रहा था. सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे थे. वैसे लोग भी इस बंदी में शामिल थे. जो धरना प्रदर्शन में भाग नहीं लेते थे. बालू की किल्लत से जूझ रहे ऐसे हजारों लोग अलग-अलग टोलिओ में घूमकर सड़क पर उतरे और बंदी का पूर्ण रुप से समर्थन किया.

आरा में सड़क पर उतरे व्यवसायी

भोजपुर में विरोध का आलम यह रहा कि कई दुकानदार चाह कर भी अपनी दुकानों को नहीं खोल रहे थे. सुबह से ही दुकानदारों बंद का समर्थन किया. हाथों में तख्तियां लिए व्यवसायियों एवं मजदूरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इतना ही नहीं आक्रोशित मजदूरों ने जमीरा में संपूर्ण क्रांति ट्रेन को डाउन लाइन पर जहां रोका. वहीं अप लाइन पर मालगाड़ी ट्रेन को रोककर आवागमन को ठप कर दिया.



बंद कराई गईं दुकानें

कई जगह किया गया सड़क जाम, जाम से परेशान रहा आवाम

व्यवसायियों का गुस्सा चरम पर था. मजदूर भी उनका समर्थन कर रहे थे सड़क पर उतरकर हाथों में तख्तियां लेकर शहर के तमाम प्रमुख चौक चौराहे जज कोठी मोड़, पकड़ी मोड़, शीतल टोला मोड़, शिवगंज मोड़, गोपाली चौक मोड़ पर व्यवसायियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया था. जिसके कारण आमजन काफी परेशान रहा. हालांकि एंबुलेंस को जाने दिया जा रहा था. दवा दुकानों के खुलने पर कोई परहेज नहीं था. हो गया दारोगा बहाली पीटी परीक्षा की डेट का एलान, मार्च महीने में इस तारीख को होगी

आरा में सड़क पर जनसैलाब

व्यवसायिक संघर्ष मोर्चा जिसकी अध्यक्षता करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष अंजनी कुमार चौधरी ने बालू का उठाव जल्द से जल्द सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर जमकर राज्य सरकार पर हमला बोला. वक्ताओं ने कहा कि बुधवार को शहर सहित जिले की सभी प्रतिष्ठान दूकानें बंद रखी गईं. इसको लेकर व्यापारियों एवं दुकानदारों से कुछ दिन पूर्व ही अपील की गई थी कि अपनी दुकान बंद रखें. व्यवसायियों का कहना है कि राज्य सरकार किसी भी नीति के तहत बालू का उठाव सुनिश्चित कराएं, ताकि व्यापारी, राजमिस्त्री, मजदूर, ट्रांसपोर्टर, ईंट भट्ठा मालिक एवं ट्रैक्टर मालिकों के सामने भुखमरी की समस्या नही हो.

रोका गया ट्रेनों को

इस दौरान कहा गया कि बालू के बंद रहने के कारण सभी भूखे मरने की कगार पर आ गए हैं. कई लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. बंद के दौरान व्यवसायी प्रेम पंकज उर्फ ललन, मनोरंजन कुमार कुशवाहा, उमेश सिंह, आलोक अंजन, जितेंद्र सिंह, संजीव कुमार, अमित कुमार, श्याम नारायण प्रसाद, अभिषेक सिंह, राकेश रंजन, संजीव गुप्ता, शैलेश कुमार, अभय त्रिपाठी, पप्पू सिंह, अवधेश सिंह, पिंटू कुमार एवं अभिजीत आनंद सहित कई थे. व्यवसायी अमित कुमार केसरी, व्यवसायी मोनु सिंह, सोनु सिंह, आरा सेनेटरी वीर बहादुर सिंह, साकेत सिंह समेत तमाम व्यवसायियों ने कहा कि व्यापार धंधा चौपट हो गया है. सरकार की गलत नीतियों के कारण बालू की वजह से भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

हावड़ा-दिल्ली रेलरूट रहा बाधित

भोजपुर व्यवसायी संघर्ष मोर्चा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बालू उत्खलन पर रोक लगाने के खिलाफ भोजपुर बंद कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान बंद समर्थकों ने लंबे अरसे से बालू उत्खनन पर रोक हटाने की मांग की. इस दौरान व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर आक्रोशपूर्ण नारेबाजी की. रेलवे ट्रैक पर पटरी रखकर आवागमन बधित कर दिया. बंदी के दौरान बंद समर्थकों व दुकानदारों के बीच नोकझोक भी हुई. वहीं बंद समर्थक कई दुकानों के सामान को भी क्षति पहुचाई. व्यवसायी संघर्ष मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न चौक चौराहों से गुजरते हुए जिला समाहारणायल पहुंच सड़क जाम कर दिया. जिसके बाद काफी जिला प्रशासन और सरकार को कोसते हुए एक सभा को आरा रमना मैदान में संबोधित किया गया.