कोलकाता के भरोसे बैठा है बिहार, अगर हुआ कुछ भी तो सब ठप हो जाएगा

लाइव सिटीज डेस्कः बीएसएनएल के मोबाइल नेटवर्क खस्ता हाल है. कभी उपभोक्ता कॉल करने के लिए परेशान होते हैं तो कभी इंटरनेट कनेक्टिविटी नही रहती है. हाल यह है कि सामान्य फॉल्ट के लिए बीएसएनएल को कोलकाता पर निर्भर रहना पड़ता है. जब तक फॉल्ट पता चलता है. करोड़ों का नुकसान हो चुका होता है. इसका कारण है कि बीएसएनएल प्रीपेड का बिलिंग सर्वर यानी इंटेलीजेंस नेटवर्क कोलकाता में है. यही कारण है कि बिहार में अभी समस्या बनी हुई है.

कोलकाता के मुख्य शहर में कहीं भी केबल फॉल्ट होता है तो बिहार, झारखंड, उड़ीसा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में नेटवर्क की समस्या हो जाती है. बिलिंग सर्वर में नेटवर्क का डाटा बेस होता है. अगर इंटलीजेंस नेटवर्क में गड़बड़ी आती है ऐसे में किसी प्रकार का मोबाइल न रिचार्ज होता है और न एसएमएस आता है. व्यापारियों के मोबाइल पर ओटीपी नंबर भी नहीं आ पाता है. इससे करोड़ों का नुकसान होता है. दो हफ्ते पहले ही कोलकाता में केबल फॉल्ट होने से लगभग आठ घंटे तक प्रीपेड मोबाइल नेटवर्क ठप रहा था. एयरटेल पर UIDAI का हंटर, अब नहीं कर सकेंगे सिम को आधार से वैरिफाई

हालात ऐसे हैं कि अगर कोलकाता में मामूली खराबी आती है तो बिहार में बीएसएनएल के अफसर पूरी तरह से लाचार हो जाते हैं. यहां तक कि अगर नेटवर्क ठप होता है तो कोलकाता में ही फॉल्ट ढूंढ़ा जाता है. केबल कटने से बिहार, झारखंड, समेत कई राज्य प्रभावित होते हैं.

बिहार, झारखंड, उड़ीसा और उत्तर-पूर्व राज्य मिलाकर बीएसएनएल के उपभोक्ताओं की संख्या डेढ़ करोड़ है. इसके बावजूद बिहार-झारखंड में मोबाइल नेटवर्क की समस्या अधिक होती है. बीएसएनएल के मोबाइल जीएम कल्याण किशोर सिंह ने बताया कि जब तक सड़के किनारे पानी, बिजली और केबल के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं होगी, तबतक इस तरह की समस्या बनी रहेगी.

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