बालू की खरीद-बिक्री पर बड़ी बात कह दी है बिहार सरकार ने, बढ़ेगी परेशानी

लाइव सिटीज डेस्कः बिहार में बालू की सामान्य बिक्री शुरू होने में अभी और वक्त लग सकता है. मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी पुरानी नियमावली के आधार पर घाटों से बालू बिक्री करने पर अमल होना बाकी है. खनन निगम के बफर स्टाक से बालू बेचा जा रहा है, पर यह भी फिलहाल कुछ खुशनसीब लोगों को ही मिल रहा है. आरोप है कि वहां कीमत भी ऊंची चुकानी पड़ रही है. सूत्रों के अनुसार खनन विभाग इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है.

बालू मामले में उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई 23 जनवरी को होनी है. माना जा रहा है कि इस दिन हाईकोर्ट सभी पक्षों के तथ्यों को सुनने के बाद कोई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दे. इसके बाद ही बालू की सामान्य बिक्री संभव हो सकेगी. बताया गया कि वैसे खान एवं भूतत्व विभाग सूत्र बालू की नई नीति की विशेषताओं से कोर्ट को अवगत कराने और आशानुरूप फैसला होने के प्रति आश्वस्त दिख रहा है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुरानी नियमावली के लागू होने पर भी नई खनिज नियमावली के महत्वपूर्ण पक्षों को अमल में लाया ही जाएगा. 1 मिनट में ऑनलाइन आर्डर करें बालू-गिट्टी, यहां देखें पूरा प्रोसेस



बता दें कि बीते छह माह से राज्य के अधिकतर भागों में बालू संकट बना हुआ है. लाखों मजदूर बेकार बैठे हैं. काम नहीं मिलने से वे रोजीरोटी के लिए जिलों से बाहर जा रहे हैं. दूसरी ओर, राजधानी समेत सभी जिलों में बालू के लिए हाहाकार मचा है. छोटे -बड़े सभी निर्माण और मरम्मत के लिए लोग 20-25 दिनों से ऑर्डर देकत बैठे हैं पर उन्हें बालू नहीं मिल रहा है.

इधर लघु खनिज व्यवसायिक संघ ने आरोप लगाया कि गत शनिवार को महज आधे घंटे के लिए ई-चालान का सिस्टम खोला गया और कुछ लोगों को चालान मिला. जीपीएस भी निर्धारित मूल्य से महंगा बेचा जा रहा है. खनन निगम व पुलिस के रवैए से भी बालू का अवैध खनन रुक नहीं पा रहा है. उधर, विभाग का कहना है कि बालू ढुलाई में लगे वाहन जीपीएस लगाने से बच रहे हैं. वैसे ट्रक हड़ताल से कुछ परेशानी है.

वहीं रद्द किये गये बालू घाटों की नये सिरे से बंदोबस्ती कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसमें कुछ समय लगेगा, लेकिन बंदोबस्ती होने के साथ ही सभी घाटों से बालू का खनन शुरू कर दिया जाएगा. जिन घाटों पर बंदोबस्ती बहाल है, वहां पुराने नियम के अनुसार बालू खनन का निर्देश दिया गया है. अवैध बालू खनन पर सख्ती बरकरार रहेगी. ट्रकों पर निर्धारित भार से अधिक बालू लोड करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार अगला कदम उठाएगी.