रोसड़ा में दंगाई कर रहे थे तांडव, तो क्या कर रहे थे समस्तीपुर के DM-SP, ये है खुलासा

लाइव सिटीज (संतोष सिंह, एडिटर, कशिश न्यूज) : आज (27 मार्च 2018) मैं बहुत निराश हूं . पिछले कई घंटे से अपने आपको संभालने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन अपने आपको संभाल नहीं पा रहा हूं . ऐसे में, लिखने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है . मुझे मालूम है कि आज मैं जो लिखने जा रहा हूं, इससे लोगों में निराशा का भाव पैदा होगा, लेकिन इसी निराशा से उम्मीद भी बंधी हुई है . तेजस्वी यादव के स्टाइल पर फिदा हुए BJP के शत्रु, कहा – बहुत ब्राइट फ्यूचर है

जी हां, आज मेरे शहर रोसड़ा (समस्तीपुर) को जलाने की पूरी कोशिश हुई . लेकिन कुछ अधिकारी और ऊपर वाले की कृपा से शहर जलने से बच गया . अब शांत है, लेकिन सुलग रहा है . ये वही रोसड़ा है, जहां कभी इससे भी बड़ी घटना हुई, लेकिन एक ईंट तक नहीं चला . भरोसा था एक-दूसरे पर . लेकिन आज रोसड़ा के वो तमाम लोग, जिसकी एक आवाज पर शहर की फिजां बदल जाती थी, आज वो कह रहा था – नहीं बचेगा रोसड़ा . जल्दी पुलिस भेजिए और मैं हताश सिस्टम के सामने हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ा रहा था . प्लीज सर, जल्दी फोर्स भेजिए, अनर्थ हो जायेगा . बस भरोसा दिला रहा था कि एसपी-डीएम पहुंच रहा है . लेकिन साहब पहुंचने में दो घंटे लगा दिए . जी है ये तब जब सीधे बिहार के मुख्यमंत्री सचिवालय से संवाद हो रहा था .

10.30 मिनट पर रोसड़ा से फोन आया . जुल्म हो गया . कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है . कौन है वो,रोकिए ,उसको . आपकी बात कौन नहीं मानेगा, हमसे भी बात कराई . फोन नम्बर दीजिए, शांत करिए . पता नहीं भीड़ में कोई परिचित नजर नहीं आ रहा है . जल्दी पुलिस को भेजो तोड़ देगा .

बातचीत के दौरान जो नारे लग रहे थे और जिस आक्रामकता के साथ नारे लगाये जा रहे थे , लग ही नहीं रहा था कि ये मेरा रोसड़ा है , जो एक से एक झंझावट को मिनटों में हल कर लेता था ,कोई सुनने को तैयार नहीं है . फोन रखिए-फोन रखिए औऱ उसके बाद एसपी, समस्तीपुर को फोन लगाया . कोई जवाब नहीं . डीआईजी,दरभंगा को फोन लगाया . कोई जवाब नहीं . आईजी, दरभंगा को फोन लगाया . कोई जवाब नहीं .

तो फिर सीएम सचिवालय को घटना की पूरी जानकारी दी गयी . 11 बजे हालात बेकाबू हो गया . आपका एएसपी बुरी तरह घायल हो गया है . धार्मिक स्थल में लोग घुस गया . जल्दी एसपी को भेजिए . सीएम सचिवालय से फोन वो भी सीनियर अधिकारी का और एसपी-डीएम को समस्तीपुर से रोसड़ा पहुंचने में दो घंटे का समय लग गया,जबकि 30 मिनट काफी है . इस बीच आईजी पकंज दराद को भी फोन लग गया . परिचय दिये जा रहे हैं, लगा जैसे पहली बार बात हो रही थी . जानकारी देने के लिए धन्यवाद, देखते हैं,ये भाषा आईजी का था .

इस बीच फिर रोसड़ा से लगातार फोन आ रहा था . मैं बस इतना ही कह रहा था एसपी-डीएम पहुंचने वाला ही होगा . इधर सीएम सचिवालय पल-पल की जानकारी ले रहा था . लेकिन फील्ड में तैनात अधिकारी ऐसे एक्ट कर रहे थे, जैसे कोई खास बात नहीं है . इस बीच विनय कुमार का फोन आ गया . उसी दौरान गंगवार साहब से भी बात हो गयी, क्या हो गया संतोष जी आपके रोसड़ा का . गुस्सा इतना था कि बस इतना ही कह सका – डीएम-एसपी को कहिए, जल्दी पहुंचने को . हालात बहुत बिगड़ गया है . पुलिस आपका पीट रहा है . एएसपी घायल हो गया, लीजिए फोटो देखिए क्या हो रहा है .

पता चला एसपी-डीआईजी-आईजी पुलिस मुख्यालय को कह रहा था कि कोई बात ही नहीं है . सब सामान्य है . इन लोगों को घर से निकलने में घंटे लग गये . फिर पता चला दरभंगा से सब निकल गये हैं लेकिन आईजी-डीआईजी और कमिश्नर समस्तीपुर आईबी में बैठे हुए हैं और वहां मेरा रोसड़ा जल रहा था . इस बीच रोसड़ा से फिर फोन आया . एसपी महावीर चौक पर लोगों से बातचीत कर रहे हैं . मतलब पहुंचने के बाद भी वो घटना स्थल की और बढ नहीं रहे थे . खैर, फिर से सीएम सचिवालय फोन किया गया . उसके बाद साहब लोग घटना स्थल पर पहुंचे औऱ गोली-डंडे चलाया . फिर सब पटरी पर आ गया . इस बीच मामला गांव तक न फैले, इसके लिए बेगूसराय एसपी तक से सहयोग लेने को कहा गया.

अभी फिलहाल स्थिति सामान्य है . लेकिन अधिकारियों का हाल देख कर सच कहिए तो मैं अंदर से टूट चुका हूं . जनता आखिर करेगी तो क्या करेगी . चलते-चलते इतना ही कहूंगा कि हिंसा के सहारे राजनीति करने वाले आज जितना लाचार और बेबस दिख रहे थे, सोच लीजिए जब हिंसा फैलती है, तो उस भीड़ में शामिल लोगों को एक समय बाद ना तो धर्म देखता है ना जाति ना मजहब, वो भीड़ सिर्फ खून देखता है . इसलिए इस तरह की राजनीति से बचिए . हमें लगता है बीजेपी के वो तमाम बड़े नेता जो हिंसा को रोकना चाह रहे थे, उन्हें महसूस हो गया होगा कि इस तरह की राजनीति कुछ क्षण के लिए सत्ता की सीढी तक जरुर पहुंचा देगा,लेकिन शासन नहीं चला सकते .

(Disclaimer : जर्नलिस्ट संतोष सिंह मूल रुप से रोसड़ा (समस्तीपुर) के ही रहने वाले हैं . लाइव सिटीज यह आलेख साभार प्रकाशित कर रहा है.)

About Md. Saheb Ali 4919 Articles
Md. Saheb Ali

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*