चारा घोटालाः जानें लालू प्रसाद की ‘जेल हिस्ट्री’, कब-कब जाना पड़ा था ‘लालकोठी’

बेऊर जेल से हाथी पर निकलते हुए लालू प्रसाद की तस्वीर

लाइव सिटीज डेस्कः आज लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले में फैसला आने वाला है. इस घोटाले के खुलासे को 21 साल हो गए हैं और अब तक कई बार केस में सुनवाई हो चुकी है. लालू यादव पर 6 अलग-अलग मामले लंबित हैं और इनमें से एक में उन्हें 5 साल की सजा भी हो चुकी है. आज भी उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. चारा घोटाले के चलते लालू यादव को सीएम का पद भी छोड़ना पड़ा था और कई बार जेल भी जाना पड़ा था. इधर पटना में दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पूजा चल रही है.

लालू प्रसाद को कब-कब जाना पड़ा जेल



लालू प्रसाद और जदयू नेता जगदीश शर्मा को घोटाला मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद लोक सभा से अयोग्य ठहराया गया. चुनाव आयोग के नए नियमों के अनुसार लालू प्रसाद पर 11 साल तक लोक सभा चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. 3 अक्टूबर 2013 को चारा घोटाले से ही जुड़े एक मामले में 37 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर लालू यादव को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई और उन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया गया. लालू यादव को रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद किया गया था. हालांकि दिसंबर 2013 में उन्‍हें कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी, जिसके बाद उन्‍हें रांची की बिरसा मुंडा जेल से रिहा कर दिया गया.

रांची के बिसरा मुंडा जेल कैंपस में लालू प्रसाद की तस्वीर

1996 में उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों में छापेमारी की और इस घोटाले का पता लगाया. उन्होंने पता लगाया कि कुछ फर्जी कंपनियों द्वारा पैसों की हेराफेरी की गई है. उसके बाद 11 मार्च 1996 को पटना हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस घोटाले की जांच का आदेश दिया, हाईकोर्ट ने इस आदेश पर मुहर लगाई.

रांची के बिरसा मुंडा जेल की तस्वीर

1996 में सीबीआई ने चाईबासा खजाना मामले में प्राथमिकी दर्ज की और 23 जून 1997 को सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया और लालू प्रसाद यादव को आरोपी बनाया. 30 जुलाई 1997 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा.

सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की याचिका खारिज कर दी थी. साल 2000 में लालू के खिलाफ आरोप तय हुए और 2002 रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई शुरू की. 13 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के न्यायाधीश के स्थानांतरण की लालू प्रसाद की मांग खारिज की. 30 सितंबर 2013 में लालू और मिश्र को दोषी ठहराया गया.

लोगों से बात करते लालू प्रसाद

3 अक्टूबर 2013 को सीबीआई अदालत ने लालू यादव को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. लालू यादव को रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद किया गया था और उन्हें दिसंबर में जमानत मिल गई थी.