तीन साल का नजीब करता है योग, घर में पैरेंट्स दे रहें शिक्षा

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गीता के अनुसार- “योग: कर्मशू कौशलम्”
पतंजलि के अनुसार- “योग: चित्त वृति निरोध”

लाइव सिटीज डेस्क (रज़िया अंसारी) : जहां एक तरफ मुस्लिम समुदाय का एक धड़ा योग को ले कर असमंजस की स्थिति में है वहीं मुस्लिम समुदाय से आने वाला एक तीन साल का बच्चा धड़ल्ले से योग करता है. जी हाँ गोपालगंज निवासी शिक्षक फरीद आलम और शिक्षिका कुलसूम फरीद का तीन वर्षीय पुत्र के.एफ. नजीब तीन साल के अल्प उम्र से ही योग करने लगा है. घर में योग का माहौल होने का फायदा नजीब को मिला है, क्योंकि घर के अधिकतर व्यक्ति योग करते हैं.

पिता को योग करते देख नजीब भी आसन में पारंगत हो गया है. पिता फरीद आलम का कहना है कि नजीब अभी ठीक से बोल भी नहीं पाता है. लेकिन, दूसरों को देख कर योग क्र रहा है. इसके अलावा वह किताबों से तथा टीवी से तस्वीरें देख कर योग सीख रहा है. यही नहीं, यह तीन साल का मासूम योग के कई कठिन आसन बड़े आसानी से कर लेता है. उसको योग करता देख सभी हैरत में पड़ जाते हैं. जो आसन नजीब बड़ी आसानी से कर लेता है उनमें पश्चिमोत्तानासन, गरुड़ासन, उष्ट्रासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पर्वतासन, पादहस्तासन, अर्धहलासन आदि प्रमुख हैं.

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बता दें कि पेशे से शिक्षक फरीद आलम खुद भी योग के शिक्षक हैं और सोशल मीडिया पर योग के लिए सबको जागरूक करते हैं. उनका मानना है कि योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. यह खुद को स्वस्थ रखने का एक तरीका है. इस्लाम धर्म में भी अच्छी सेहत को खुदा की अलामत कहा गया है.

नजीब के पिता शिक्षक फरीद आलम

21 जून को भारत में योग दिवस मनाया जाता है. योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है. ये भारत की धरोहर है. दुनिया के कई हिस्सों में इसका प्रचार-प्रसार हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर यूएन ने 21 जून को विश्व योग दिवस के नाम से मनाने का निर्णय लिया है.

तस्वीरों में देखें नजीब का योग