साल 2017 में बिहार के अपराधियों को कंटाप मार बाजा बजाते रहे ये IPS अधिकारी

-अभिषेक आनंद-

लाइव सिटीज, पटना : देश के लोग जब बिहार की बात करते हैं, तो सबसे पहले क्राइम की बातें करते हैं . जितना है नहीं, उतने से अधिक का सीन क्रिएट करते हैं . साल 2017 गुजर चुका है . 2018 में हम सभी आ गए हैं . आज 1 जनवरी, 2018 को हम बिहार के वैसे 7 आईपीएस अधिकारियों की बातें करने जा रहे हैं, जो साल 2017 में अपराधियों को कंटाप मार-मार कर उनका बाजा लगातार बजाते रहे हैं . इन पुलिस अधिकारियों से बिहार के सभी बड़े-छोटे अपराधी आज भी थर-थर कांपते हैं . बदल गए पटना के डीएम, कई IAS-IPS इधर से उधर, देखें तबादले की पूरी लिस्ट

जाहिर तौर पर, जिन सात आईपीएस अधिकारियों की बातें हम करने जा रहे हैं, वे फील्‍ड में तैनात हैं . इनके साथ हेडक्‍वार्टर में भी ऐसे कई हैं, जो अपराधियों के लिए कहर हैं कहर . अब बिहार पुलिस के एसटीएफ चीफ आईजी कुंदन कृष्‍णन का क्‍या कहना . वे आज नहीं सालों से बिहार के सभी ड्रेडेड क्रिमिनल्‍स के लिए डायनामाइट हैं . जिसके पीछे लग गए, तो लग गए . वह बचेगा कैसे . नक्‍सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में जमुई से 31 दिसंबर 2017 को ही स्‍थानांतरित किए गए एसपी जयंतकांत भी चैंपियन रहे हैं . सत्‍यवीर सिंह और हरिकिशोर राय जैसे आईपीएस अधिकारी जहां रहते हैं, वहां अपराधी खैर नहीं मना सकते .

मनु महाराज, SSP, पटना

1.मनु महाराज, एसएसपी, पटना

पटना के एसएसपी मनु महाराज को ऐसे ही सिंघम नहीं कहा जाता . वे बिहार पुलिस के ब्रांड आफिसर हैं . पाताल से भी अपराध की गुत्‍थी और अपराधी को निकालना जानते हैं . इन्‍हीं कारणों से मनु महाराज के बाद पटना का एसएसपी कौन, बड़ा टफ सवाल बना रहता है . नीतीश कुमार को भी ऑप्‍शन ठीक से नहीं दिखता है . अभी सबों ने देखा कि मोकामा में श्‍याम सुंदर यादव ने आतंक का तूफान खड़ा कर रखा था . लेकिन जैसे ही वह मनु महाराज की नजरों में चढ़ा, जेल के भीतर घुसेड़ दिया गया . मनु महाराज छुट्टी पर गये, तो पटना में खादिम्‍स के शोरुम के मालिक जितेन्‍द्र गांधी का मर्डर हो गया और जब वे वापस लौटे तो न सुलझ रही गुत्‍थी तुरंत सुलझी और किलर पुलिस के हत्‍थे चढ़ गया .

विकास वैभव, DIG, भागलपुर-मुंगेर

2.विकास वैभव, डीआईजी, भागलपुर-मुंगेर

विकास वैभव पब्लिक के भरोसे के अधिकारी हैं . आशय – जनता मानती है कि विकास वैभव से कंप्‍लेन करोगे, तो सुनवाई और कार्रवाई दोनों होगी . बिहार में अकेले ऐसे डीआईजी, जो रोज पब्लिक की सुनवाई करते हैं . फेसबुक के कमेंट बॉक्‍स में पब्लिक के कंप्‍लेन को भी नोटिस में लेते हैं . डीआईजी के रुप में पहली पोस्टिंग भागलपुर में मिली . एक्‍शन का रिकार्ड बना डाला . करप्‍ट पुलिसकर्मियों की तेज नकेल कसी . सरकार ने वर्किंग स्‍टाइल का सम्‍मान किया . परिणाम, मुंगेर के डीआईजी का भी एडिशनल चार्ज दिया गया . वैभव की विशेष खासियत यह कि इमरजेंसी में रात 12 बजे भी आप फोन करें, तो कॉल रिसीव होगा और समस्‍या सुनी जाएगी .

विनय कुमार, SP , बेतिया

3.विनय कुमार, एसपी, बेतिया

जब यह खबर लिखी जा रही है, तब विनय कुमार बेतिया से गया के लिए प्रस्‍थान करने की तैयारी में लग गये होंगे . डीआईजी में प्रोमोशन के बाद राज्‍य सरकार ने उन्‍हें 31 दिसंबर को ही मगध का डीआईजी बनाया है . वे पहले भी गया में एसएसपी में रह चुके हैं . विनय कुमार को बिहार में अपराधियों का दुश्‍मन नंबर – 1 आईपीएस अधिकारी माना जाता है . जब वे आईपीएस बने ही थे, तभी पटना के दानापुर में अपराधियों ने उनके बड़े भाई की हत्‍या कर दी थी . इसके बाद वे और तीखे पुलिस अधिकारी बने . सामने आए अपराधी को तोड़ देते हैं . अब संभव नहीं है, लेकिन जब विनय कुमार एसपी थे, तो यह बिहार पुलिस के सीनियर आफिसर ही कहा करते थे कि पटना में मनु महाराज के बेस्‍ट विकल्‍प थे . लेकिन दिक्‍कत यह थी कि विनय कुमार का होम टाउन पटना है, ऐसे में नियमों के तहत वे पटना के एसएसपी कभी नहीं बन सकते थे .

निशांत तिवारी, SP, पूर्णिया

4.निशांत तिवारी, एसपी, पूर्णिया

पूर्णिया के एसपी निशांत तिवारी के खून में वीर कुंवर सिंह की धरती भोजपुर का खून है . अपराधी को बख्‍श नहीं सकते . पूर्णिया को लंबे वक्‍त से निशांत तिवारी होश में रखे हैं . बेहोश होने की इजाजत किसी को नहीं है, भले आपका माय-बाप कोई भी हो . सिर्फ टास्‍क लेना-देना नहीं जानते, अंजाम तक का हिसाब रखते हैं . विधायक बीमा भारती के अपराधी पति अवधेश मंडल को कमर में रस्‍सा बांधने की हिम्‍मत करने वाले आफिसर हैं . बलवाइयों ने बंगाल की आंधी में पूर्णिया को जलाने की कोशिश की, तो स्‍वयं दीवार की तरह खड़े हो गए . बाढ़ आई तो गांव-गांव पहुंचने लगे .

गरिमा मल्लिक, SSP, गया

5.गरिमा मल्लिक, एसएसपी, गया

नकचढ़े अपराधियों की खचड़ई से परेशान रहने वाली धरती गया पर जब गरिमा मल्लिक को एसएसपी, गया बनाया था, तो बहुतों को आश्‍चर्य हुआ था . कइयों के जेहन में था कि महिला एसएसपी गया को संभाल पाएगी क्‍या . लेकिन गरिमा मल्लिक ने गया में सभी नकचढ़ों का होश ठंडा रखा है . कोल्‍ड स्‍टोरेज से बाहर निकल नॉनसेंस की अनुमति नहीं है . फिर रॉकी यादव हो या रॉकी का पुराना पापी बाप बिंदी यादव, कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, गरिमा मल्लिक से जान गए हैं . वह बहादुर मर्दों की तरह पुलिसिंग करती है . जनता की सुनती है और बदमाशों पर डंडा भी चलाती है .

उपेन्‍द्र कुमार शर्मा, SP, मोतिहारी

6.उपेन्‍द्र कुमार शर्मा, एसपी, मोतिहारी

उपेन्‍द्र कुमार शर्मा के ब्‍लड में अपराधियों के खिलाफ जंग का डीएनए पटना में एसपी (सिटी) के रुप में ही दिखने लगा था . फिर, बक्‍सर में भी वे अपराधियों से खूब लड़े और जीते . मोतिहारी का एसपी बनाकर उन्‍हें तब भेजा गया, जब मोतिहारी ‘जंगल राज’ के दिनों में लौट आया था . रोज खून से लाल हो जाता था मोतिहारी . पुलिस पर से पब्लिक का भरोसा उठ चला था . लेकिन उपनेन्‍द्र कुमार शर्मा ने मोतिहारी आते ही अपराधियों के अंडरवर्ल्‍ड में धमक दी . सीधा संदेशा, बंद करो और भागो – नहीं तो मिटा दिए जाओगे . ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई . हैवान समझ गए कि दिन लद गये हैं . कई विकेट कई तरीकों से गिरे और जेल के भीतर की संख्‍या भी बढ़ी . वक्‍त लग रहा है, लेकिन मोतिहारी के लोगों ने फिर से साफ पुलिसिंग देखनी शुरु कर दी है . उम्‍मीदें जिंदा रहने की लौट आई है . पुराने क्राइम और क्रिमिनल भी क्रैक हो रहे हैं .

मानवजीत सिंह ढि़ल्‍लों,SP, रोहतास

7.मानवजीत सिंह ढि़ल्‍लों, एसपी, रोहतास

मानवजीत सिंह ढि़ल्‍लों रोहतास के एसपी हैं . बहुत हल्‍ला-गुल्‍ला नहीं करते . चुपके-चुपके बड़े काम करते हैं . माफिया बढ़े नहीं हैं . अपराधी की पहुंच कम हुई है . ठुकाई ठीक से करते हैं . फिर भी अपराध हो जाए, तो क्रिमिनल बहुत भाग नहीं सकता . जल्‍दी पकड़ ही लेते हैं . पुलिस हेडक्‍वार्टर के बड़े अधिकारियों को ढि़ल्‍लों के भीतर आने वाले दिनों की जिम्‍मेवारियों के वास्‍ते बहुत कुछ दिखता है .

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