हिसाब खंगाल केः जोगिंदर सिंह ने बताया, चारा घोटाले में कौन कितना रुपया खाता था

-निहारिका सिंह-

लाइव सिटीज, पटना : बिहार के चारा घोटाले की जब जांच चल रही थी, तब सीबीआई के डायरेक्‍टर सरदार जोगिंदर सिंह थे . वे हमारे बीच अब नहीं हैं . देवलोक को चले गये हैं . लेकिन जोगिंदर सिंह ने सन् 1998 में Inside CBI टाइटल की किताब लिखी थी . तब भी इस किताब पर बड़ा बखेड़ा हुआ था . इस किताब में पेज 51 से 82 तक बिहार के चारा घोटाले की चर्चा है . बहुत ही महत्‍वपूर्ण जानकारियां हैं .



जोगिंदर सिंह (फाइल फोटो)

जोगिंदर सिंह ने चारा घोटाले में प्रमुख रुप से कौन-कौन शामिल थे, इसे रेखांकित करने को Scam Tainted Tree भी बनाया था . यह सीबीआई जांच में मिले साक्ष्‍यों पर आधरित था . खंगाल के घोटाले का हिसाब बताने के पहले इस घोटाले के पेड़ और इनकी टहनियों को ही जान लें . तब प्रधान मंत्री को भी हड़कने के बाद फोन पटक देते थे लालू प्रसाद

Scam Tainted Tree Of Fodder Scam

सीबीआई डायरेक्‍टर जोगिंदर सिंह ने बताया कि चारा घोटाले के स्‍कैम ट्री में प्रमुख नेताओं/मंत्रियों में लालू प्रसाद यादव, जगन्‍नाथ मिश्रा, राजो सिंह (कांग्रेस एमएलए), आर के राणा, तुलसी सिंह (मत्री), सीपी वर्मा (पशुपालन मंत्री), जगदीश शर्मा (पीएसी चेयरमैन) और ध्रुव भगत (पीएसी चेयरमैन) शामिल थे . इनका साथ तब विजिलेंस डिपार्टमेंट के आईजी डीपी ओझा और डीजी जी नारायण का मिला हुआ था .

स्‍कैम ट्री की दूसरी टहनी पर ब्‍यूरोक्रेट्स बैठे थे . इन्‍हें सीबीआई ने ए के बसाक (चीफ सेक्रेट्री), एम सी सुवर्णा (रीजनल डेवलपमेंट कमिश्‍नर), बेक जुंलियस (सेक्रेट्री,पशुपालन), महेश प्रसाद (सेक्रेट्री,पशुपालन), अरुमुगम (सेक्रेट्री,पशुपालन), फूलचंद सिंह (फाइनांस क‍मिश्‍नर), एस एन सिन्‍हा (फाइनांस कमिश्‍नर) और के एम प्रयाद (एडी,प्‍लानिंग) के रुप में चिहिन्त किया था . इनके साथ पशुपालन डायरेक्‍ट्रेट के रामराज राम (डायरेक्‍टर), के एन झा (रीजनल ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर), और बीएन शर्मा (डीएएचओ,चाईबासा) के रुप में पहचाना था .तब जेल में चिकन  मटन की पार्टी करते थे लालू प्रसाद, अब खैनी भी मांगना पड़ता है

सप्‍लायर्स की टहनी पर डी चांडक, मो. सईद, टीएम प्रसाद, वी के मलिक, पी के जायसवाल और महेन्‍द्र प्रसाद बैठे थे . इनकम टैक्‍स कमिश्‍नर, रांची ए सी चौधरी को भी सीबीआई ने इनके साथ दिखाया था . (देखें तस्‍वीर)

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Sharing Of The Loot In Fodder Scam

अब यह तो सबों को पता है कि चारा घोटाला इसलिए हुआ कि बगैर सप्‍लाई किए रसीद तैयार किया जाता था . फिर सरकारी खजाने से भुगतान ले लिया जाता था . अरबों रुपये का भुगतान पशुपालन विभाग के मद में आवंटित राशि से भी अधिक का हो गया था .

सरदार जोगिंदर सिंह ने अपनी किताब ‘इनसाइड सीबीआई’ के पेज – 59 पर लूट के हिस्‍से के बंटवारे का पूरा हिसाब खंगाल के दिया है . बताया है कि कौन कितना प्रतिशत डकार जाता था . (देखें तस्‍वीर)

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जोगिंदर सिंह की मानें तो फर्जी सप्‍लाई करने वाले सप्‍लायर्स को सौ फीसदी में मात्र 20 फीसदी हिस्‍सा प्राप्‍त होता था . 30 प्रतिशत सरकार के वे निकासी व्‍ययन पदाधिकारी (Drawing & Disbursing Officers) ले लेते थे, जिनके सिग्‍नेचर से सरकारी खजाने सेचारा घोटाले की राशि निकलती थी . आंखें मूंदे रहने को ट्रेजरी ऑफिसर्स को मात्र 5 प्रतिशत का हिससा प्राप्‍त होता था . जगन्नाथ मिश्रा ने मुंह खोला, बता दिया कि लालू प्रसाद को किसने फंसाया

रांची में बैठे पशुपालन विभाग के पदाधिकारियों के हिस्‍से में भी मात्र 5 प्रतिशत ही जाता था . असली खेल तो चारा घोटाले का किंगपिन एस बी सिन्‍हा खेल रहा था, जोकि पशुपालन विभाग का रीजनल ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर था . उसे कुल घोटाले का सबसे बड़ा हिस्‍सा 40 प्रतिशत जाता था . यह एस बी सिन्‍हा मतलब श्‍याम बिहारी सिन्‍हा ही था, जो प्राप्‍त 40 प्रतिशत हिस्‍से में से मनमाफिक घोटाले का कैश प्रसाद नेताओं और नौकरशाहों के बीच बांटा करता था .