BREAKING : रांची CBI कोर्ट से लौटते ही लालू प्रसाद ने किया ट्वीट, अब इनके बारे में लिखा है

लाइव सिटीज डेस्कः चारा घोटाला मामले में आज शनिवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर फैसला आना है. बताया जा रहा है कि कोर्ट दोपर तीन बजे तक अपना फैसला सुनाएगी. रांची से लेकर पटना तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बिहार ही नहीं पूरे देश की मीडिया लालू पर फैसले की ताक में बैठी है. सियासी बाजार गरम है. इसी बीच लालू प्रसाद ने रांची गेस्ट हाउस पहुंचते ही एक ट्वीट किया है.

लालू प्रसाद का ये ट्वीट किसी राजनीति को लेकर नहीं. किसी पर हमला भी नहीं है. लालू प्रसाद ने अपने इस ट्वीट में किसी को नमन किया है. जी हां … लालू ने अफने ट्वीटर पर लिखा है कि ”हमारे नेता पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के सच्चे हितैषी चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम व शत्-शत् नमन.” आप भी देखें लालू प्रसाद का यह ट्वीट-



लालू प्रसाद ने किया ट्वीट

बता दें कि इससे पहले लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सीबीआई कोर्ट पहुंचे, जहां फैसले का वक्त बदलने से वो वापस गेस्ट हाउस लौट गए. मालूम हो कि राजद प्रमुख पर फैसले को लेकर बिहार में भी पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है. राजधानी पटना में राजद कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. राजधानी में प्रकाश पर्व समारोह को लेकर प्रशासन पहले से ही चौकस है. फिर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. पटना में लालू आवास से लेकर राजद कार्यालय तक सन्नाटा पसरा है. सभी 11 बजने के इंतजार में है.

रांची में भी सुरक्षा कड़ी

रांची में सीबीआई कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है. लालू प्रसाद के समर्थन में वहां भी राजद के कई नेता और कार्यकर्ता जुटे हुए हैं. लालू प्रसाद सहित अन्य आरोपियों के सुबह 10:30 बजे के आसपास कोर्ट पहुंचने की संभावना है. मामले की संवेदनशीलता और हाईप्रोफाइल आरोपियों को देखते हुए रांची पुलिस भी अलर्ट पर है. कोर्ट परिसर के अंदर आरोपियों के अलावा और किसी को जाने की मनाही है.

लालू ने बताया है खुद के खिलाफ साजिश

शुक्रवार को ही रांची रवाना होने से पहले लालू प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं. मुझे जेल भिजवाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जनता हमारे साथ है. इस घोटाले में बीजेपी सरकार ने साजिश के तहत मुझे फंसाया है. उन्होंने कहा कि जेल तो मुझे पहले भी भेजा गया था. हम इससे डरने वाले नहीं हैं. कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो स्वीकार होगा. मेरे बच्चे और अन्य साथियों ने राजद को खूब अच्छे से संभाला है. उन्होंने कहा कि जब-जब मुझे इस तरह की सजा दी गई है. हम उतने ही मजबूत हो कर सामने आए हैं. हमारी पार्टी को जनता आज भी उतना ही समर्थन करती है.

क्या है पूरा मामला

चारा घोटाले से संबंधित यह देवघर कोषागार से 84 .54 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला था. आरसी 64 ए /96 के इस मामलें में बुधवार को दोनों पक्षों की बहस समाप्त होते ही सीबीआई कोर्ट ने फैसले की तारीख निर्धारित की थी. इस मामले में संलिप्त लोगों में शुरुआत से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकारी गवाह पीके जायसवाल एवं सुशील झा ने निर्णय से पहले ही अपना दोष स्वीकार कर लिया था. अब 21 साल बाद चारा घोटाले के इस चर्चित मामले में 23 दिसंबर को फैसला सुनाया जायेगा. इस मामले में सीबीआई ने 23 जुलाई 1997 को चार्जशीट फाइल की थी.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने फैसले के दिन सभी आरोपियों को निजी तौर पर उपस्थित होने का आदेश दिया था. इनमें लालू प्रसाद यादव, डॉ जगन्नाथ मिश्र, सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद डॉ आर के राणा, बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद के अलावा आईएएस अधिकारी एवं पशुपालन अधिकारी का भी फैसला होना था. चारा घोटाला सीबीआई के इतिहास का वो मामला है जिसमें बड़ी संख्या में आरोपियों को सज़ा हुई है.