‘सुतियापा’ ने ‘नरकपोर्ट’ बना दिया है पटना एयरपोर्ट को, डायरेक्‍टर मौज लेने गये हैं

-अभिषेक आनंद-

लाइव सिटीज, पटना : गूगल बाबा के सर्च में पटना एयरपोर्ट की तस्वीरें देखकर बिलकुले खुश मत होइए . अभी पटना एयरपोर्ट को नरकपोर्ट कहना ही ठीक होगा . रोज मैटर फंस रहा है . पैसेंजर्स ‘ओ मैया गे’ (ओएमजी) कह रहे हैं . लेकिन देखने वाला कोई माय-बाप नहीं है . अब तो बोर्डिंग और लैंडिंग के बाद फ्लाइट में यात्री रामा हो रामा करने लगे हैं . एयरपोर्ट मैनेजर राजेन्‍द्र लाहोरिया क्राइसिस के इस गंभीर वक्‍त में मौज लेने को छुट्टी पर गये हुए हैं .



शुक्रवार 29 दिसंबर की रात को पटना एयरपोर्ट पर नरकपोर्ट जैसा तमाशा बना हुआ था . अभी 30 दिसंबर शनिवार की सुबह जब 10 बजकर 17 मिनट पर यह खबर लिखी जा रही है, तब भी पटना के नरकपोर्ट की तबियत बिगड़ी हुई है . फ्लाइट की लैंडिंग और टेकआफ की बात तो आगे के कई घंटों में भूल ही जाइए, सवाल इसका है कि रात से खड़े 5 फ्लाइट कब उड़ान भरेंगे, यह भी नहीं पता . कारण, घना कोहरा तो है ही . पर साथ में, फ्राइडे नाइट के ड्रामा के कारण फ्लाइट्स उड़ाने वाले पायलटों की प्रॉब्‍लम भी है . सैंकड़ों यात्री फंसे थे फ्लाइट्स के भीतर, रिस्‍क लेकर पटना में हो रही है विमानों की लैंडिंग

अब यह बात प्रमाणित होने के करीब है कि खराब मौसम के बाद भी पटना एयरपोर्ट को नरकपोर्ट बना देने को जबरिया लैंडिंग का रिस्‍क लिया जा रहा है . कारण, भगवान जानें . एयरपोर्ट डायरेक्‍टर राजेन्‍द्र लाहोरिया जानते थे कि इस सर्द वक्‍त में स्थिति खराब होती है, सो वे चुपके से छुट्टी पर निकल गए . ऐसे में, आसानी से पटना एयरपोर्ट के नरकपोर्ट बन जाने की जिम्‍मेवारियों से मुक्‍त भी हो गये हैं . 

फ्राइडे का तमाशा ऐसा था कि जहां कई फ्लाइट कैंसिल हो रहे थे, वहीं कुछ एयरलाइंस कोहरा बढ़ते देख भी महंगे टिकट बेच रहे थे . मानों, वे फ्लाइट उड़ा ही ले जायेंगे . एयर ट्रैफिक कंट्रोल के मालिकों ने भी पता नहीं कौन-सा नंबर का चश्‍मा पहन रखा था . परिणाम, तमाशा नहीं नरकपोर्ट यात्रियों के लिए दंगलपोर्ट में भी बदल गया . Patna Airport पर भी Fog चल रहा है, सुबह से नहीं उतरी Flight, जमीन पर बैठे हैं बच्चे-बुजुर्ग

कोलकाता से आई फ्लाइट रनवे पर घंटों से खड़ी थी . पार्किंग तक फ्लाइट को लाना संभव नहीं था . दूसरे फ्लाइट भी थे . ऐसे में, फ्लाइट के भीतर यात्री परेशान नहीं महापरेशान थे . लाइव सिटीज के पास फोन तो पहुंच ही रहे थे, साथ में डीएम-एसएसपी तक कॉल जा रहे थे . गुजारिश बस इतनी कि कैसे भी फ्लाइट के भीतर से बाहर निकाल दें . देरी बढ़ती जा रही थी . फ्लाइट के भीतर खाने-पीने को भी कुछ नहीं रह गया था . कुछ लोग रो-धो रहे थे, तो कइयों ने गुस्‍से में एयरक्राफ्ट को गंदा करना शुरु कर दिया था . PHOTOS : पटना एयरपोर्ट का वेटिंग हॉल नहीं यहां मेला लगा है, पानी भी नहीं पूछता है कोई

रनवे जाम है . कोई फ्लाइट टेकऑफ नहीं कर सकती . यह सभी जान रहे थे . पर सुतियापा देखिए, इधर पटना से टेकऑफ के लिए कई फ्लाइट में यात्रियों की बोर्डिंग चल रही थी . बोर्डिंग के बाद विमान के गेट बंद कर दिए गए थे . फिर कोई जवाब नहीं मिल रहा था . गुस्‍साए पैसेंजर्स बिलकुल असहाय स्थिति में थे . और अंत में देर रात को वही हुआ,जिसका अंदेशा था . स्‍पेशल आपरेशन के बाद न सिर्फ लैंड कर चुके फ्लाइट के यात्रियों को बाहर निकाला गया, बल्कि बोर्डिंग कर चुके पैसेंजर्स की फ्लाइट को कैंसिल कर वापस घर जाने को कह दिया गया . बाहर के यात्रियों के ठहरने के लिए किसी ने होटल-मोटल के बारे में पूछा तक नहीं .

आज शनिवार को सुबह से फिर पैसेंजर्स की भीड़ पटना एयरपोर्ट नहीं,नरकपोर्ट पर लगी है . पांच विमान खड़े भी हैं . मौसम अभी साफ नहीं हुआ है . साफ होता तो भी विमान नहीं उड़ते . कारण कि विमान उड़ाने वाले पायलटों के लिए काम और आराम के घंटे तय हैं . ऐसे में, वे भारत सरकार के नियमों के अनुसार अंतराल खत्‍म होने के पहले जहाज बिलकुल नहीं उड़ा सकते .