हाईकोर्ट का चीफ सेक्रेटरी से कड़ा सवाल, शराबबंदी के नाम पर मनमानी क्यों कर रही है पुलिस

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए डेढ़ साल से ज्यादा हो गया. लेकिन सूबे में शराबबंदी कानून की हालत ऐसी है, कि आम लोग तो पकड़े जा ही रहे हैं, उनके साथ-साथ सरकारी बाबुओं का भी पकड़ाना जारी है. इसी से जुड़े एक मामले में अब पटना हाईकोर्ट सख्त हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी अंजनी कुमार सिंह को नोटिस जारी किया है. चीफ सेक्रेटरी से जवाब तलब किया है.

कोर्ट ने अंजनी कुमार से पूछा है कि उनके अधिकारी शराबबंदी कानून के नाम पर क्यों मनमानी कर रहे हैं. केवल यहां के नागरिकों को ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्य के लोगों को भी अकारण परेशान किया जा रहा है. दरअसल, वेस्ट बंगाल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बस के एक यात्री से शराब की एक बोतल मिली और बिहार पुलिस ने बस को ही जब्त कर लिया.

पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने नॉर्थ वेस्ट बंगाल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को यह आदेश दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शराबबंदी कानून से जुड़े अनेक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसको लेकर कोर्ट परेशान है.

एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि नोयडा का एक बैंक अधिकारी का तबादला कोलकाता हो गया था. उसने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को अपना सामान नोयडा से कोलकाता पहुंचाने के लिए कहा. ट्रांसपोर्ट कंपनी की गाड़ी सामान लेकर बिहार में प्रवेश किया तो जांच के दौरान शराब की बोतल मिली. जांच अधिकारी ने कार्रवाई के नाम पर सारा सामान ही जब्त कर लिया. उस बैंक अधिकारी को सामान रिलीज कराने के लिए हाईकोर्ट में आना पड़ा. चाईबासा मामले में लालू प्रसाद व जगन्नाथ मिश्रा को 5 साल की सजा

कोर्ट ने कहा कि वेस्ट बंगाल ट्रांसपोर्ट काॅरपोरेशन की बस जब बिहार से गुजर रही थी तो सीट नंबर-44 पर बैठे व्यक्ति के सामान से शराब की एक बोतल बरामद हुई. लेकिन संबंधित अधिकारी ने बस को ही जब्त कर लिया. लगता है कि अधिकारी अपने दिमाग का इस्तेमाल ही नहीं करते. इस तरह के अनेक मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कोर्ट ने इस आदेश के साथ रिट याचिका की एक कॉपी तीन दिनों के भीतर चीफ सेक्रेटरी को भेजने का निर्देश दिया.

शराब पर कार्रवाई करते हुए बिहार पुलिस के इस एक्शन पर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की. हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को भी हाजिर होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया. इस मामले पर 31 जनवरी को फिर सुनवाई होगी.

About Md. Saheb Ali 2566 Articles
Md. Saheb Ali

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*