गंगा किनारे बसे शहरों में इस पर लगा कंप्लीट बैन, इस्तेमाल किया तो देना होगा भारी जुर्माना

लाइव सिटीज डेस्कः गंगा किनारे बसे शहरों में अब इस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा नदी के किनारे स्थित हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे सभी शहरों में प्लास्टिक के कैरी बैग, प्लेट और कटलरी जैसी वस्तुओं तथा सामग्री के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया. एनजीटी ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाए.

जस्टिस स्वतंतर कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तरकाशी तक प्लास्टिक की चीजों की बिक्री, विनिर्माण और भंडारण पर भी रोक लगा दी. अधिकरण ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा और गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. पूछ रहे हैं लालू- CM की सभा में सरकारी खजाने और अफसरों का इस्तेमाल क्यों ?



पीठ ने यह उल्लेख करने के बाद आदेश पारित किया कि इसके पूर्व के आदेश के बावजूद इन क्षेत्रों में प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे गंगा नदी में प्रदूषण हो रहा है. हरित इकाई पर्यावरणविद् एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पॉलीथीन और प्लास्टिक से बनी वस्तुएं पर्यावरण के लिए हानिकारक है। खासतौर पर नदियां इनसे प्रभावित हुई हैं.

गौरतलब हो कि गंगा के किनारे बसे शहरों में अकसर टाउन का सारा कचरा नदी में ही जाता है. जिसकी वजह से गंगा लगातार प्रदूषित हो रही है. हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर गंगा नदी की हालत बहुत बुरी है. इसी को लेकर कुछ दिनों पहले एनजीटी ने नदी में मूर्ती विसर्जन पर भी रोक लगाने की बात कही थी. अब नदी में कचरा फेकने पर ही बैन लगा दिया गया है.