‘सत्ता, शोहरत और स्वार्थ नहीं, हमारा मकसद सिर्फ देश है, बिना डरे लड़ते रहेंगे’

मंच पर भाषण देती सोनिया गांधी

लाइव सिटीज डेस्कः राहुल गांधी ने आज शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष पद का चार्ज संभाल लिया. उन्हें कांग्रेस प्रेसिडेंट इलेक्शन के रिटर्निंग अफसर मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने सर्टिफिकेट दिया. इस मौके पर सोनिया गांधी ने कहा कि मैं राहुल को अध्यक्ष बनने की शुभकामनाएं, बधाई और आशीर्वाद देती हूं. आज मैं आखिरी बार कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर संबोधित कर रही हूं.  राजनीति में आने पर राहुल पर भयंकर हमले हुए. लेकिन इन हमलों ने राहुल को मजबूत बनाया. सत्‍ता, शोहरत और स्‍वार्थ हमारा मकसद नहीं है, हमारा मकसद देश है. यह नैतिक लड़ाई है. हम डरने और झुकने वाले नहीं है.

उन्होंने कहा कि आपके सामने अब एक नया दौर है. मैं एक मां के तौर पर राहुल की तारीफ नहीं करना चाहती, लेकिन उन्होंने पिछले कुछ सालों में काफी व्यक्तिगत हमले झेले हैं. जिससे वे निडर और साहसी बने हैं. इस बीच कांग्रेस वर्कर्स के फटाखे फोड़ने की वजह से उन्हें तीन बार अपनी स्पीच रोकनी पड़ी. हो गई ताजपोशी, आज से कांग्रेस की कमान राहुल के हाथों में, अध्यक्ष बनते ही BJP पर बरसे



सोनिया गांधी ने कहा कि अब आप सबको एक नई शुरुआत करनी है. 20 साल पहले जब आपने मुझे अध्यक्ष पद के लिए चुना और मैं इसी तरह संबोधित करने के लिए खड़ी थी. मुझे घबराहट थी कि कैसे इस संगठन को संभालूंगी. तब मेरे सामने एक कठिन कर्तव्य था. तब तक मेरा राजनीति से बहुत वास्ता नहीं पड़ा था.

इस दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि मैं जिस परिवार में शादी होकर आई, वह क्रांतिकारी परिवार था. उस परिवार का एक-एक सदस्य जेल जा सकता था. देश ही उनका जीवन था. इंदिराजी से मैंने काफी कुछ सीखा. इंदिराजी की मौत के बाद मुझे लगा कि मेरी मां मुझसे छिन गईं. मैं अपने बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी.

सोनिया यहीं नहीं रुकीं उन्होंने कहा कि इंदिराजी के बाद मेरे पति राजीव गांधी ने जिम्मेदारी को समझा, प्रधानमंत्री पद संभाला. पूरे देश की समस्याओं को जाना. इंदिराजी की हत्या के 7 साल बाद राजीवजी को भी मार दिया गया. देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझते हुए मैं राजनीति में आई. उस वक्त 3 राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं. केंद्र से भी हम काफी दूर थे. आप सबके सहयोग से हमने बेमिसाल कामयाबी हासिल की.