कांग्रेस में आज से ‘राहुल राज’, पढ़िए – दिल्ली में कैसी हुई है ताजपोशी की तैयारी

राहुल गांधी(फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्कः राहुल गांधी आज शनिवार को औपचारिक रूप से पार्टी की कमान संभालेंगे. आज से राहुल कांग्रेस अध्यक्ष पद के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय में इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. बीते सोमवार को उन्हें निर्विरोध रूप से पार्टी अध्यक्ष चुना गया था. वहीं सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से रिटायर हो रही हैं.

दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस के दफ्तर में कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की ताजपोशी को लेकर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. जश्न के लिए खास तौर पर दिल्ली के चांदनी चौक से आए हलवाई जलेबी और लड्डू समेत कई तरह की मिठाइयां बनाने में जुटे हुए हैं. दिल्ली के यूथ कांग्रेस दफ्तर में मिठाई के साथ ही लोकगीतों की भी तैयारी की गई है.



मालूम हो कि सोनिया गांधी ने कल शुक्रवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा था कि मेरी भूमिका अब रिटायर होने की है. जिसके बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि सोनिया राजनीति से ही रिटायर हो रही हैं. जिसके बाद राजनीति से रिटायर होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष पद से रिटायर हो रही हैं. सोनिया गांधी ने कहा- अब मैं रिटायर हो जाउंगी, पॉलिटिकल कॉरीडोर में हलचल

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गांधी ने अपना दायित्व राहुल गांधी को सौंपा है, लेकिन वह सदैव पार्टी का मार्गदर्शन करती रहेंगी. सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि मीडिया के मित्रों से अनुरोध है कि वे अटकलों पर ध्यान नहीं दें. सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त हुई हैं, राजनीति से नहीं. उनका आशीर्वाद, बुद्धिमत्ता एवं कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी.

कांग्रेस नेता व राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने भी कहा, मैं यह मानना पसंद करूंगी कि हमारी पार्टी नेता इस पुरानी पार्टी को सही दिशा में चलाने के लिए सदा बनी रहेंगी. उनकी प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं है. बता दें कि सोनिया गांधी सियासत से दूर रहना चाहती थीं. 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद पार्टी संभालने के आग्रह को ठुकरा दिया था. 1997 में अंदरूनी कलह से पार्टी को बचाने के लिए वह सियासत में आने को राजी हुईं. सोनिया 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं और 19 साल तक पार्टी अध्यक्ष के तौर पर काम किया.