दिखने लगा RJD के बिहार बंद का असर, पटना में NH-30 पर आगजनी, शेखपुरा में रोकी गईं ट्रेनें

राजद कार्यकर्ताओं ने रोकी ट्रेनें

लाइव सिटीज डेस्कः बिहार सरकार की खनन नीति के विरोध में राजद ने बिहार बंद करने का आह्ववान किया है. आज गुरुवार को सुबह-सुबह कई जिलों से बंद की खबरें आनी शुरु हो गई है. शेखपुरा में राजद कार्यकर्ताओ ने किऊल-गया पैसेंजर ट्रेन को घंटों रोके रखा. दूसरी तरफ सड़क यातायात को भी प्रभावित किया गया. प्रदर्शनकारी राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. राजद कार्यकर्ताओ ने पटना गया रेलखंड पर जहानाबाद स्टेशन के समीप ट्रैक पर आगजनी कर जनशताब्दी ट्रेन को रोकने के साथ साथ एनएच को भी जाम कर दिया है.

बालू को लेकर राजद के बंद का असर मनेर में सुबह 6 बजे से ही दिखने लगा है. विधायक भाई वीरेंद्र की अध्यक्षता में आरजेडी समर्थक सड़क पर उतर गए हैं और आगजनी कर एनएच-30 को जाम कर दिया है. बिहार सरकार द्वारा नई खनन नीति वापस लेने की घोषणा के बाद भी राजद ने गुरुवार को बिहार बंद का एलान किया है. पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि पुरानी नियमावली से बालू की बिक्री की घोषणा आधी अधूरी है. सीएम नीतीश कुमार को माफी मांगनी चाहिए. गलत बालू नीति के कारण बिहार की जनता पिछने कई महीनों से परेशान हैं.



सड़क जाम कर आगजनी करते राजद समर्थक

हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और राजद संघर्ष समीति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने बिहार बंद से आवश्यक सेवाओं, स्कूल बस, गुरु गोविंद सिंह प्रकाशोत्सव कार्यक्रम क्षेत्र और श्रद्धालुओं के आवागमन के इलाकों को बंद से मुक्त रखने का निर्देश कार्यकर्ताओं को दिया है. उधर, बुधवार शाम बिहार सरकार ने नई खनन नीति को वापस ले लिया. सरकार अब पुरानी नीति पर ही बालू खनन करेगी. बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि बिहार सरकार ने 2013 में खनन नीति बनाई थी, उसी के आधार पर अब बालू का खनन होगा. पुलिस ने भी कर ली है पूरी तैयारी, बिहार बंद के दौरान सख्ती से निपटने का है आदेश

नई खनन नीति 2017 में बनाई गई थी जिसका शुरू से ही विरोध हो रहा था. ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों के साथ-साथ राजनैतिक दलों ने भी इसका जमकर विरोध किया था. मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने नई नीति पर स्टे लगा दिया. इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया है कि पुराने नियम के अनुसार ही बालू का खनन होगा.

मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध खनन और बालू के अवैध स्टोरेज पर प्रतिबंध रहेगा और अब 100 हेक्टेयर से ज्यादा खनन का पट्टा नहीं दिया जाएगा. साथ ही जिसे पहले से ही 100 हेक्टेयर से ज्यादा का टेन्डर मिला है उन पर कोई रोक नहीं होगी. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के बालू, गिट्टी और मिट्टी के खनन, बिक्री और परिवहन के लिए बनाए गए नई नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी थी. कोर्ट ने पुराने नियमों के तहत काम करने का आदेश दिया था. इस आदेश के खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

बिहार में अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस साल नए नियम बनाएं. इसे 10 अक्टूबर 2017 को बिहार गजट में प्रकाशित किया गया था. 14 नवंबर को बालू-गिट्टी का रेट जारी किया गया. लेकिन यह नया नियम खनन कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों को पसंद नहीं आया. उसी के समर्थन में आरजेडी ने बिहार बंद का ऐलान किया है.