BIG BREAKING : चारा घोटाला के चाईबासा मामले में लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्रा दोषी करार

लाइव सिटीज, रांची डेस्कः बड़ी खबर आ रही है रांची से. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. चारा घोटाला के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में आज बुधवार को सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद दोषी करार दिए गए. पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी कोर्ट ने दोषी करार दिया है. वहीं जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने 50 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इसके साथ ही 6 आरोपियों को बरी किया गया है.

आपको बता दें लालू प्रसाद इस महाघोटाले से जुड़े देवघर कोषागार मामले में रांची की बिरसा मुंडा जेल में साढ़े तीन साल की सजा काट रहे हैं. चारा घोटाले के जिस मामले में आज सीबीआई की विशेष अदालत अपना फैसला सुनाया वो मामला 1990 के दशक में चाईबासा ट्रेजरी से कथित तौर पर 35.62 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकालने से जुड़ा है. उस वक्त लालू प्रसाद अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री थे. EXCLUSIVE : 500-1000 वाले 127 करोड़ रुपये की खेप पटना में, बिल्‍डर  ज्‍वेलर रडार पर

बता दें कि चाईबासा मामले में सीबीआई कोर्ट में बहस दस जनवरी को पूरी हो गई थी और इस मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था. सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपए फर्जी ढंग से निकालने के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीष स्वर्ण शंकर प्रसाद की अदालत आज बुधवार को फैसला सुनाएगी. दस जनवरी को अदालत ने इस मामले में अपना फैसला 24 जनवरी तक के लिए सुरक्षित कर लिया था.

 क्या है चाईबासा कोषागार मामला

चाईबासा कोषागार से 1992-93 में 67 फर्जी आवंटन पत्र के आधार पर 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की गई थी. इसमें साल 1996 में केस दर्ज हुआ था. इस मामले में कुल 76 आरोपी थे, जिनमें लालू प्रसाद और डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के नाम भी शामिल हैं. हालांकि सुनवाई के दौरान 14 आरोपियों का निधन हो चुका है. दो आरोपियों सुशील कुमार झा और प्रमोद कुमार जायसवाल ने अपना जुर्म कबूल लिया, जबकि तीन आरोपियों दीपेश चांडक, आरके दास और शैलेश प्रसाद सिंह को सरकारी गवाह बना दिया गया है.

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