जेल में राजद नेताओं और लालू प्रसाद की मुलाकात में हुईं क्या-क्या बातें, जानिए

लालू प्रसाद (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्कः लंबी चली जद्दोजहद के बाद आज सोमवार को बिरसा मुंडा जेल में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद से राजद नेताओं ने मुलाकात की. झारखंड की राजधानी स्थित होटवार जेल में बंद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद राजद नेताओं अन्नपूर्णा देवी और भोला प्रसाद जेल प्रशासन से आम कैदी जैसा व्यवहार नहीं किये जाने की गुजारिश की.

मीडिया से बातचीत में भोला प्रसाद ने कहा कि लालू प्रसाद यादव आम कैदी नहीं हैं. वह जननेता हैं. उनके साथ आम कैदी का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए. वहीं, अन्नपूर्णा देवी ने भी मुलाकात के बाद बताया कि लालू प्रसाद की सेहत ठीक है. उन्होंने बाहर से मंगाया खाना खाने से इनकार किया है. साथ ही कहा कि लालू जी जेल का ही खाना खाएंगे. पिता को आज भी नहीं देख पाएंगे तेजस्वी यादव, होटवार जेल के बाहर डटे हैं रघुवंश सिंह



बता दें कि आज सुबह-सुबह खबर आई कि छुट्टी का दिन होने की वजह से आज लालू प्रसाद से कोई मुलाकात नहीं कर सकता. लेकिन इस खबर के बाद लालू प्रसाद के वकील जेल के अंदर गए और प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति ली. इसके बाद राजद नेता अंदर गए और मुलाकात की. लेकिन कोई नेता यह बताने को तैयार नहीं है कि लालू प्रसाद से अंदर क्या बात हुई. लालू ने आखिर क्या कहा.

बता दें कि आज सुबह आठ बजे से ही रांची के होटवार जेल के बाहर राजद नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. आज सोमवार सुबह आठ बजे ही पार्टी की सीनियर लीडर अन्नपूर्णा देवी के साथ-साथ कई बड़े नेता जेल के बाहर पहुंच गए थे. उनके साथ-साथ भारी संख्या में राजद समर्थक भी जेल के बाहर इकट्ठा होने लगे थे. राजद के लोगों को देखते हुए आनन-फानन में जेल परिसर में सुरक्षा टाइट कर दी गई.

मालूम हो कि बिरसा मुंडा जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को जेल मैन्युअल के मुताबिक एक सप्ताह में मात्र तीन लोगों से मुलाकात करने की अनुमति दी है. जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लालू प्रसाद से साप्ताहिक कार्यदिवस में सुबह आठ बजे से 12 बजे के बीच ही मुलाकात की जा सकती है. मुलाकात का समय भी अन्य कैदियों की तरह ही 10-15 मिनट का ही होगा.

वहीं मैन्युअल के मुताबिक मुलाकातियों को अपनी पहचान के साथ पर्ची देनी होगी. यह पर्ची लालू प्रसाद यादव को भेजी जायेगी. इन पर्चियों में से लालू प्रसाद जिन लोगों से मिलना पसंद करेंगे, सिर्फ उन्हें ही मुलाकात के लिए भेजा जायेगा. वहीं दूसरी ओर, लालू प्रसाद से मिलने के लिए पहुंचने वाले नेताओं-कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ को देखते हुए बिरसा मुंडा जेल के बाद सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है.