जान लें रेलवे के ये नियम, मिडिल बर्थ से नहीं होगी प्रॉब्लम, मिलेगा रिफंड पैसा भी

लाइव सिटीज डेस्कः ऐसा तो नहीं हो सकता कि आपने कभी ट्रेन में सफर न किया है. या फिर कभी आगे करने का प्लान नहीं है. तो अगर आप रेलवे की सुविधा लेते हैं. ट्रेन में सफर करते हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है. यात्रा करने के दौरान कई ऐसी बातें या अधिकार होते हैं जो आपको मालूम नहीं होते.

आपकी कम जानकारी होने की वजह से कोई दूसरा आपके अधिकारों का हनन कर सकता है या आपको उन फायदों से वंचित कर सकता है. ये वो नियम हैं जिनकी जानकारी आपकी यात्रा को आरामदायक और टेंशन फ्री बना सकती है. तो चली जाती बक्सर-पटना पैसेंजट ट्रेन के सैकड़ों यात्रियों की जानें, फैल गई थी दहशत



कब खोलना है मिडिल बर्थ

थर्ड एसी, स्लीपर कोच में बीच वाली सीट कई बार परेशानी का सबब बन जाती है. उस सीट के खुलने के बाद नीचे वाली सीट में इतना स्पेस नहीं बचता कि कोई उसमें बैठ सके. अगर आपकी सीट बीच वाली है तो भी समस्या, नीचे की है तो भी. आप कई बार सीट में बैठने के मूड में होते हैं लेकिन जिस बंदे की सीट बीच वाली होती है वह उसे खोलना चाहता है. क्या बीच वाली सीट कोई कभी भी खोल या बंद कर सकता है? तो यदि आपको ये बात ना पता हो तो जान लीजिए. रेलवे ने बीच वाली सीट को खोलने और बंद करने का भी एक नियम बना रखा है.

रेलवे के नियमों के अनुसार मिडिल बर्थ पर सफर करने वाले यात्रियों को रात 10 से सुबह छह बजे तक ही सीट को खोलने की अनुमति मिलती है. इस समय के अलावा बाकी समय आप सीट नहीं खोल सकते. हां ये बात अलग है कि नीचे वाला यात्रा भी दोपहर में सोना चाहे और मिडिल बर्थ का भी तो आपसी सहमित से सीट खोली जा सकती है.

रेलवे के नियम के अनुसार ही साइड लोअर बर्थ पर सफर करने वाले यात्री को साइड अपर के यात्री को दिन में नीचे बैठने की जगह देनी होगी. ऐसा तब भी होगा जब लोअर बर्थ में आरएसी वाले दो यात्री पहले से सफर कर रहे हैं. हालांकि अपर बर्थ का यात्री रात 10 से सुबह छह बजे तक लोअर बर्थ का दावा नहीं कर सकेगा.