मिड-डे-मील की दाल में गिरा मासूम छात्र, मौत के बाद भी नहीं बताया स्कूल प्रशासन ने

लाइव सिटीज डेस्कः बिहार सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए लगातार योजनाएं बनाती है. उन योजनाओं पर अमल भी होता है शायद. लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं भी हो जाती हैं जिसके बाद यह कहना मजबूरी हो जाता है कि, क्या यही है बिहार में शिक्षा का स्तर. जहां मासूमों की जिन्दगी की कोई कीमत नहीं है. रूह को कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है पटना जिले से.

यह दर्दनाक दरअसल मिड-डे-मील का खाना बनाने के दौरान हुई. इस घटना के बाद से स्कूल प्रशासन और उसमें बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. घटना राजधानी पटना से सटे खुशरुपुर प्रखंड के सरकारी स्कूल में हुई है. जानकारी के मुताबिक मिड-डे-मिल के लिए बन रही दाल में गिरकर एक मासूम की मौत हो गयी है. शादी के बाद अवैध संबंध बनाने पर सिर्फ पुरुष ही दोषी क्यों, पूछा है सुप्रीम कोर्ट ने



बताया जा रहा है कि स्कूल ने इतनी लापरवाही की कि शिक्षकों द्वारा इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक को नहीं दी गयी. शनिवार यानी आज जब उस बच्चे की मौत हो गयी, तब लोगों को घटना के बारे में जानकारी मिली. स्थानीय मीडिया के मुताबिक खुसरुपुर प्रखंड के बड़ा हसनपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में गर्म दाल में डूबकर 5 साल के बच्चे के मौत की खबर आयी है. मौत का कारण बच्चे का दाल भरी टब में गिरना बताया जा रहा है.

मृतक बच्चा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़ा हसनपुर के रसोइया का बेटा गुड्डू कुमार बताया जा रहा है. रसोईया विद्यालय में दाल बना रही थी. उसी समय उसका 5 साल का बेटा गुड्डू दाल में गिर गया था. हैरानी की बात है कि गर्म दाल में मासूम बच्चे के गिरने के बाद विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने घटना की जानकारी न तो थाना को दी और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई. आज इलाज के दौरान जब बच्चे की मौत हो गयी, तब जाकर मामला खुला.

ऐसा नहीं है कि बिहार में मिड-डे-मील से जुड़ी यह पहली दर्दनाक घटना है. इससे पहले भी 16 जुलाई 2013 में छपरा के गंडामन धर्मसती विद्यालय में विषाक्त भोजन करने से 23 बच्चों की मौत हो गयी थी. ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं के बाद भी सरकार जागती क्यों नहीं.