सुकमा इफेक्टः बिहार-झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ कॉंबिंग ऑपरेशन तेज

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लाइव सिटीज डेस्कः छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले के बाद से बिहार-झारखंड में भी हाईअलर्ट जारी कर दिया गया  है. दोनों ही राज्यों के बॉर्डर एरियाज से सटे जिलों में लगातार कॉंबिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बिहार-झारखंड पुलिस की अगुआई में संयुक्त अभियान लगातार जारी है. सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और एसएसबी की टीमों को कॉंबिंग ऑपरेशन में लगाया गय है.

 

सीआरपीएफ बिहार सेक्टर के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ के 25 जवानों को निशाना बनाने के बाद भाकपा (माओवादी) का गुरिल्ला दस्ता झारखंड के रास्ते बिहार में प्रवेश कर सकता है. इस खुफिया सूचना के बाद दोनों ही राज्यों के सीमावर्ती जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं.

छत्तीसगढ़ से लगे झारखंड के पलामू में सीआरपीएफ व कोबरा बटालियन की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. नक्सलियों के प्रभाव वाले सीमावर्ती गांवों में शुरू किए गए कॉंबिंग ऑपरेशन में सुरक्षा बल के जवान घर-घर की तलाशी ले रहे हैं.

खुफिया सूचनाओं के तहत सुकमा हमले को अंजाम देने के बाद नक्सलियों के गुरिल्ला दस्ते के झारखंड की तरफ भागने की बात कही गई है. बिहार के जिन नक्सल प्रभावित जिलों में यह एंटी नक्सल ऑपरेशन शुरू किया गया है उनमें गया, औरंगाबाद, जमुई और नवादा तथा झारखंड में चतरा, पलामू, गिरिडीह और हजारीबाग शामिल हैं.

सुकमा में हमले के बाद झारखंड की ओर भागा नक्सली दस्ता
खुफिया एजेंसियों ने बिहार-झारखंड पुलिस को आगाह किया है कि सुकमा में सीआरपीएफ के गश्ती दल पर बड़े हमले को अंजाम देने के बाद करीब तीन सौ नक्सलियों का यह दस्ता झारखंड के पलामू की तरफ भागा है. बता दें कि झारखंड के पलामू की सीमा बिहार के औरंगाबाद और गया दोनों जिलों से मिलती है.

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला स्थित बुरकापाल क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ जवानों पर नक्सलियों ने सोमवार दोपहर करीब दो बजे बड़ा हमला किया था. अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड हमले में भोजन कर रहे सीआरपीएफ की 74वीं बटालियनके 25 जवान शहीद हो गए थे. जिसमें 6 जवान बिहार से थे.

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