बिहारः बढ़ता जा रहा है AES से मौत का आंकड़ा, 65 के पार पहुंची संख्या, मरीज परेशान

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः AES का कहर मुजफ्फरपुर में थमने का नाम नहीं ले रहा है. गंभीर बीमारी इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 47 बच्चों की मौत की ख़बर है वहीं सूत्रों के मुताबिक 65 से अधिक बच्चों की जान जाने की ख़बर है. मुजफ्फपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कई मरीजों की हालत अभी भी गंभीर है और पीड़ित रोगियों को डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है.

बच्चों की मौत का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और दर्जनों बच्चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए अलग से बेड की भी व्यवस्था की गई है. साथ ही अलग से वार्ड की भी व्यवस्था की गई है.

AES की रोकथाम को लेकर केंद्रीय टीम ने भी मुजफ्फरपुर का दौरा किया है. बीमार बच्चों का हाल जानने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी मुजफ्फरपुर आने वाले थे लेकिन अंतिम समय में उनका मुजफ्फरपुर दौरा रद्द हो गया.

बिहार के स्वास्थ्य प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि 80 फीसदी मौतों में हाइपोग्लाइसीमिया का शक है. इस बीच राज्यस सरकार ने राज्यर के 12 जिलों में 222 प्राइमरी हेल्थम सेंटर्स को अलर्ट कर दिया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरतें. बिहार सरकार की एक टीम भी मुजफ्फरपुर पहुंची है जो स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि उन्हों ने खुद प्राइमरी हेल्थथ सेंटर्स की स्थिति का जायजा लिया है और तमाम व्यवस्था मानकों के अनुसार ही हैं. SKMCH के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जीएस सहनी ने बताया कि बीमार बच्चों का इलाज बीमारी के लक्षण को देखते हुए किया जा रहा है.

रौशन वर्मा की रिपोर्ट 

About Md. Saheb Ali 5145 Articles
Md. Saheb Ali

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*