चौथी सोमवारी : प्राचीन बैकुण्ठ धाम गौरी-शंकर मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

पटना (जुलकर नैन) : हिंदुओ का पवित्र महीना श्रावण का आज चौथी सोमवारी को लेकर पटना जिले का सबसे बड़ा शिवालय खुसरूपुर के प्राचीन बैकुण्ठ धाम गौरी शंकर मंदिर में अहले सुबह से ही आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी. सुबह से ही गंगा घाट से मंदिर तक करीब चार किलोमीटर लाइन लगे है. काफी संख्या में  महिला एवं पुरुष श्रद्धालु लंबी कतार में लग कर भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना किये.

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इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग के साथ माता पार्वती की प्रतिमा भी जुड़ी है जिस कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पैदल यात्रा कर आते है साथ ही श्रधालु कलेक्ट्रीट घाट पटना से 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर 54 फिट के कांवर के साथ पहुचे. श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया. बैकुण्ठ धाम मंदिर में आज सुबह से लगभग पचास हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलभिषेक किया और शाम तक अस्सी हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.

इस बार श्रावण महीने में पांच सोमवारी है और सोमवार के दिन ही पूर्णिमा है जो भक्तो के लिए शुभकारी है. सावन मास में प्रत्येक सोमवारी का विशेष महत्व है. अमूमन सावन में चार सोमवारी होती है, लेकिन इस बार पांच सोमवारी पड़ा है. तीन सोमवार निकल चुका है. आज चौथी सोमवारी है. बता दें कि 07 अगस्त को पांचवी सोमवारी पड़ेगा. सभी सोमवारी की पूजा के लिए मंत्र अलग-अलग हैं. नियमपूर्वक पूजा करने से औघड़दानी की कृपा हमेशा भक्तों पर बनी रहती है.

चौथी सोमवारी को तंत्रेश्वर शिव की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन कुश के आसन पर बैठकर ‘ऊं रुद्राय शत्रु संहाराय क्लीं कार्य सिद्धये महादेवाय फट् मंत्र का जाप 11 माला शिवभक्तों को करनी चाहिए. तंत्रेश्वर शिव की कृपा से समस्त बाधाओं का नाश, अकाल मृत्यु से रक्षा, रोग से मुक्ति व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

पूजन विधि

गंजा जल, दूध, शहद, घी, शकज़्रा व पंचामृत से बाबा भोले का अभिषेक कर वस्त्र, यज्ञो पवित्र, श्वेत और रक्त चंदन भस्म, श्वेत मदार, कनेर, बेला, गुलाब पुष्प, बिल्वपत्र, धतुरा, बेल फल, भांग आदि चढ़ाएं. उसके बाद घी का दीप उत्तर दिशा में जलाएं. पूजा करने के बाद आरती कर क्षमार्चन करें.

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