Bihar Politics : गाली-गलौज से चलके हम कहां आ गए, अब कविता से हो रहा बुझा-बुझौव्व्ल

लाइव सिटीज डेस्क : सोशल मीडिया पर इन दिनों बिहार पॉलिटिक्स का ट्रेंड अचानक बदल गया है. कहां एक समय था जब नेताओं के बीच गाली- गलौज ने स्थान बना लिया था. डॉग से लेकर जर्मन शेफर्ड व अल्सेशियन डॉग तक मामला पहुंच गया था. भाषण से लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल होने लगा. अचानक एक सप्ताह से सोशल मीडिया को थोड़ा झांकें तो पाते हैं कि बिहार पॉलिटिक्स का ट्रेंड ही चेंज हो गया है. अब फेसबुक से लेकर ट्विटर तक पर कविता पाठ से लेकर बुझा-बुझौव्व्ल तक हो रहा है. एक्सपर्ट की मानें तो युवाओं के राजनीति में आने से वे इसे अपने अंदाज में हेंडिल कर रहे हैं. खास बात कि इसी अंदाज में पलटवार भी हो रहा है.

ट्विटर पर नजर डालें तो इसकी शुरुआत नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कविता से नीतीश सरकार पर बड़ा हमला किया. यह हमला उन्होंने 12 दिसंबर को किया था. वे यहीं पर नहीं रुके. गुरुवार को भी उनकी कविता वाला ट्वीट जारी रहा. तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कविता के माध्यम से लगातार दो ट्वीट किये. हालांकि जदयू प्रवक्ता व एमएलसी संजय सिंह भी पलटवार करने से नहीं चूके. कविता से ही उन्होंने इसका जोरदार जवाब दिया.



गौरतलब है कि राजद सुप्रीम लालू प्रसाद के ट्वीट का भी इन दिनों ट्रेंड चेंज हो गया है. वे तो अपने ट्वीट से बुझौव्वल बुझा रहे हैं. सारे बुझौव्वल नीतीश कुमार पर डायरेक्ट हमला है. बुझौव्वल भी बिहार के तमाम घोटालों से जुड़ा हुआ है. लालू प्रसाद के बुझौव्वल में जहां बिहार में हुए सृजन घोटाला, मेधा घोटाला, टॉयलेट घोटाला से रिलेटेड है, तो पलटवार में जदयू की ओर से लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाला व बेनामी संपत्ति पर अटैक किया जा रहा है. और हां, इस पर विजिटर्स भी ट्रोल करने में पीछे नहीं रह रहे हैं. लेकिन यह भी सच है कि इन सबके बीच ‘विकसवा पगला गया है…’ भी छाया हुआ है. आइए ऐसे ही कुछ ‘पॉलिटिकल हमले’ पर नजर डालते हैं –

तेजस्वी यादव का ट्वीट :

‘टूटते बाँध लूटते खजाने

पूछो तो कहते रामजाने

भूखे को रोटी ना गरीब को खाना

सत्ताधारी पार्टी तो छोड़े ना पैखाना

घोटालों की ना फिक्र, खाये मखाना

सड़क ना पानी कराते बदजुबानी

पूछो सवाल तो सुनाते कहानी

किसी की नहीं, अपनी सुनानी

युवा है बेहाल, बेरोजगार जवानी

#झांसाकुमार जवाब दो

किसका विकास’

इसी तरह एक और ट्वीट है : 

‘भूल विकास अब समीक्षा पर जाए

सुशासन छोड़ कुशासन संग आए

दुर्योधन-दु:शासन मिल उत्पात मचाए

जनता पुकारे, कोई तो निजात दिलाए

अब हिसाब-किताब भी होगा और

समीक्षा की परीक्षा भी होगी

कैसा विकास किसका विकास

8 साल में 3 बार शिलान्यास?

#झांसाकुमार जवाब दो’

तेजस्वी यादव का ट्वीट

तेजस्वी ने यह ट्वीट 12 दिसंबर को किया है :

‘छिना किसान का बैल और हल

मज़दूर का तसला और कुदाल

मिट्टी-गिट्टी बंदी से जनता बेहाल

रो रहा ग़रीब हाथ में रुमाल

किसकी समीक्षा, कैसा विकास

घोटाले हो रहे बहुत विशाल

नज़दीकी इनके हुए मालोमाल

जनादेश के डकैतों को नहीं कोई मलाल

वोट की चोट से जनता करेगी अब धमाल

समीक्षा-ए-विकास से पहले! बताओ

क्या हुआ हमारे ‘सात निश्चय’ का?

काहे भूले? हर घर नल का जल

कहां है? आर्थिक बल, युवाओं का हल

इसलिए कि अब संग है फूल कमल

टूटा तीर इसलिए पकड़ा गुलेल

दुर्लभ सीएम ऐसे मिलेंगे दुर्बल

पाला बदलते लगाते ना पल

हमेशा करते विश्वासघाती छल’

अब देखिए तेजस्वी पर जदयू प्रवक्ता संजय सिंह का पलटवार :

सुन तेजस्वी सुन,

तुझ में है कितने गुण

घोटाला करने का तुझमे धुन

लालू यादव ने सिखाया गुण

पढ़ाई लिखाई से वास्ता नहीं

खेलकूद में कोई पूछा नहीं

लौट के बुद्धू घर को आये

लालू घोटाले को आगे बढाए

दिल पर हाथ रख बोल तू

कितना काबिल है तोल तू

धंधा क्या है खानदानी

बता दे राजदानी

तेजस्वी के ट्वीट पर संजय सिंह का पलटवार

संजय सिंह के इस पोस्ट को देखें : 

‘लालू के लाल ये भी बता दें,

सीबीआई, ईडी और आईटी,

क्यों हुए हैं तुझ पे लाल’

सुशासन के नाम पर

सत्ता में प्रवेश पाये

फिदरत नहीं बदली

घोटाले से ना बाज आये

लालू के हो तुम लाल

ये तुमने बता दिया’

संजय सिंह के ये पोस्ट भी कम रोचक नहीं हैं…

क्षमा-ए-यात्रा शुरू करने से पहले

लालू के लाल बता दे बस इतना

कहां से कमाए इतने धन

कहां से लाए इतनी शौकत-ए-शान

समाजवाद के नाटक पर

परिवारवाद के रक्षक

घोटाले के जनक

लालू के हो तुम लाल

उधर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद भी इससे इतर इन दिनों बुझौवल बुझा रहे हैं :

‘कहां है विकासवा? कोई ढूंढ़ कर लाओ रे!’

‘थेसिस की चोरी में भरा 20 हजार जुर्माना

हत्या आरोप की फाइल ताकत से दबवाना

चालीस घोटाला अपनी नाक तले करवाना

नैतिकता व फर्ज़ी छवि का ढिंढोरा पिटवाना

लालू पूछ रहा है उसका नाम जरा बतलाना’

‘क्या आप पेट के दाँत ठीक करने वाले किसी डेंटिस्ट को जानते हैं? बिहार में जनादेश का एक मर्डरर है, जिसके पेट में दांत है, उसने सभी नेताओं और पार्टियों को ही नहीं, बल्कि करोड़ों ग़रीब-गुरबों को भी अपने विषदंत से काटा है’

‘क्या आप दिन-दहाड़े जनादेश का निर्मम बलात्कार करने वाले मैंडेट रेपिस्ट का मानसिक उपचार करने वाले किसी देशभक्त मनोचिकित्सक को जानते हैं?

लालू प्रसाद का यह ट्वीट भी लोगों के बीच खूब वायरल हुआ…

‘कमल का फूल ऑल्वेज़ बनाविंग अप्रैल फूल’

लालू प्रसाद का ट्वीट

मेरे को ये कहा, मेरे को वो कहा

तेरे से ना कह मेरे से कहा हाहाहाहा

लालू प्रसाद का ट्वीट

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी लास्ट नवंबर व दिसंबर के पहले सप्ताह में लालू प्रसाद पर करारा प्रहार करता हुआ ट्वीट आया था…

‘बाल-बच्चों और परिजनों से गाली दिलवाना, सामाजिक सद्भावना और साझी विरासत का उत्कृष्ट उदाहरण !!’

‘घोटालों को उजागर करना और घोटालेबाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना ही घोटाला है !!’

सीएम नीतीश कुमार ने किया था ट्वीट

‘भ्रष्टाचार शिष्टाचार है।

उसके खिलाफ कार्रवाई अनाचार है !!’

‘जान की चिंता, माल-मॉल की चिंता,

सबसे बड़ी देशभक्ति है !’

बहरहाल बिहार पॉलिटिक्स में वार-पलटवार का यह ट्रेंड किस ओर ले जाएगा, इन दिनों यह चर्चा का विषय बना हुआ है.